Edited By Ramanjot, Updated: 18 Jan, 2026 05:00 PM

पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी सात साल पहले हुई थी। शादी की पहली रात ही पति ने उससे कोई बातचीत नहीं की और न ही शारीरिक संबंध बनाए। शादी के कुछ ही दिनों बाद वह मायके चली गई, लेकिन पति ने न तो फोन किया और न ही मिलने आया। बाद में ससुराल जाने पर पति से...
Bihar News: गया जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां शादी के 7 साल बाद मुस्लिम महिला ने अपने पति से तलाक लेने की पहल की है। महिला का आरोप है कि उसका पति उसकी शारीरिक जरूरतें पूरी नहीं कर पाता और मानसिक रूप से भी स्वस्थ नहीं है। यह बात शादी से पहले उससे छिपाई गई थी। इस संबंध में महिला ने बिहार बिहार राज्य महिला आयोग में शिकायत दी है।
शादी की पहली रात भी नहीं बनाए संबंध
पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी सात साल पहले हुई थी। शादी की पहली रात ही पति ने उससे कोई बातचीत नहीं की और न ही शारीरिक संबंध बनाए। शादी के कुछ ही दिनों बाद वह मायके चली गई, लेकिन पति ने न तो फोन किया और न ही मिलने आया। बाद में ससुराल जाने पर पति से झगड़ा हुआ और वह फिर मायके लौट आई। महिला का कहना है कि उसे बाद में जेठानी से पता चला कि उसके पति का दिमाग कमजोर है। पति दवा खाकर ही शारीरिक संबंध बना पाता था। कई बार कोशिश के बावजूद संबंध नहीं बन पाए, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गई। पीड़िता ने बताया कि इस वजह से उसे डिप्रेशन हुआ और आत्महत्या जैसे ख्याल भी आए।
बच्चे के जन्म के बाद भी नहीं हुआ रिश्ते में सुधार
महिला ने यह भी बताया कि एक साल बाद वह गर्भवती हुई और एक बेटे को जन्म दिया, जिसके बाद वह अपने मायके ही रहने लगी। वहीं 6 महीने बाद महिला अपने बच्चे को लेकर ससुराल आ गई। लेकिन बच्चे के जन्म के बाद भी रिश्ते में कोई सुधार नहीं हुआ। ससुराल में जेठानी ने उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। बाद में मदरसे में दोनों पक्षों की मौजूदगी में समझौता हुआ और महिला को एक और मौका देने के लिए कहा गया। हालांकि कुछ समय तक सब ठीक रहा, लेकिन फिर पति का वही व्यवहार शुरू हो गया। पति न तो बात करता था और न ही जिम्मेदारी निभाता था। इससे तंग आकर महिला ने दोबारा मायके जाकर तलाक लेने का फैसला किया।
पति बोला- पत्नी को तलाक नहीं देना चाहता
वहीं पति का कहना है कि वह अपनी पत्नी को तलाक नहीं देना चाहता। उसका आरोप है कि जब वे अपने बेटे से मिलने अपने ससुराल गया तो पत्नी ने उसे धमकाया और पुलिस में फंसाने की बात कही, जिससे वह डर गया। पति का यह भी कहना है कि वह दवा दुकान खोलने की तैयारी कर रहा है ताकि आमदनी बढ़ाई जा सके।
2 फरवरी को होगी अगली सुनवाई
इस मामले पर बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कहा कि दोनों पति-पत्नी को समझाया गया है। उनका कहना है कि एक बेटा होने के कारण दोनों को साथ रहकर परिवार बचाने की कोशिश करनी चाहिए। फिलहाल दोनों पक्षों को सोचने का समय दिया गया है और मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी को होगी। यह मामला अब महिला आयोग और कानूनी प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है।