सासाराम की बढ़ी महत्ता, शिक्षा मंत्रालय ने भारत के 100 पर्यटन स्थलों में किया शामिल

Edited By Nitika, Updated: 27 Sep, 2021 06:47 PM

increased importance of sasaram from the point of view of tourism

शिक्षा मंत्रालय ने भारत के 100 पर्यटन स्थलों में सासाराम को शामिल किया है। इससे न केवल देश के विभिन्न हिस्सों के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थी जिले के ऐतिहासिक व पर्यटन स्थलों के इतिहास व महत्व को जानने का काम करेंगे बल्कि पर्यटन के...

 

पटनाः शिक्षा मंत्रालय ने भारत के 100 पर्यटन स्थलों में सासाराम को शामिल किया है। इससे न केवल देश के विभिन्न हिस्सों के विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थी जिले के ऐतिहासिक व पर्यटन स्थलों के इतिहास व महत्व को जानने का काम करेंगे बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी देश के मानचित्र पटल पर मजबूत होगा। वहीं सासाराम का नाम पर्यटकों की सूची में आना गौरव की बात है।

बौद्ध व सूफी सर्किट से सासाराम के जुड़े होने के बाद पर्यटन के दृष्टिकोण से इस शहर की महत्ता और बढ़ गई है। इसकी महत्ता को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय ने 100 पर्यटक स्थलों में स्थान दिया है। यहां आने वाले विद्यार्थी स्थलों के इतिहास, वैज्ञानिक योगदान व परंपराओं से अवगत होंगे। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ नई पीढ़ी को जिले की समृद्ध विरासत, संस्कृति, विविधता, ज्ञान व भाषा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।

बता दें कि शेरशाह मकबरा से लेकर रोहतासगढ़ किला, सम्राट अशोक का लघु शिलालेख, शेरगढ़ किला पर्यटन की दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अतिरिक्त ताराचंडी धाम, गुप्ता धाम, तुतला भवानी, चाचा फागुमल गुरुद्वारा, पायलट बाबा धाम साझी संस्कृति साझी विरासत का परिचायक है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!