Edited By Swati Sharma, Updated: 16 Jan, 2026 05:54 PM

Bihar News: बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना और सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क (INFLIBNET) केन्द्र, गांधीनगर के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया। इस समझौते के तहत राज्य के सभी सरकारी अभियंत्रण महाविद्यालयों के...
Bihar News: बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय, पटना और सूचना एवं पुस्तकालय नेटवर्क (INFLIBNET) केन्द्र, गांधीनगर के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किया गया। इस समझौते के तहत राज्य के सभी सरकारी अभियंत्रण महाविद्यालयों के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर के डिजिटल शैक्षणिक एवं शोध संसाधनों तक संस्थागत और निःशुल्क पहुंच प्राप्त होगी।
समझौता ज्ञापन पर बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार तथा INFLIBNET केन्द्र की ओर से निदेशक प्रो. देविका पी. मदल्ली ने हस्ताक्षर किया । इस अवसर पर माननीय मंत्री, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, सुनील कुमार, विभागीय सचिव डॉ. प्रतिमा, निदेशक अहमद महमूद, बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेश कांत वर्मा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे। MoU के तहत बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय एवं इसके अधीन सभी सरकारी अभियंत्रण महाविद्यालयों को शोधगंगा, शोधशुद्धि (प्लेज़रिज़्म डिटेक्शन सिस्टम), वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन (ONOS), IRINS, SOUL लाइब्रेरी ऑटोमेशन सिस्टम, IndCat, ShodhChakra, INFED, ILMS, ShodhPrabha तथा INFYMEET जैसी सेवाओं की सुविधा मिलेगी। इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ई-जर्नल, ई-बुक्स, शोध प्रबंध, पेटेंट, सम्मेलन विवरण तथा शोध से जुड़े डिजिटल संसाधनों की एकीकृत और प्रमाणिक उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

इस अवसर पर मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि बिहार सरकार तकनीकी शिक्षा को ज्ञान, शोध और नवाचार से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि INFLIBNET जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म छात्रों और शोधार्थियों को एक ही मंच पर उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराते हैं, जिससे राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी देश के अग्रणी संस्थानों के समान अध्ययन और शोध का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार सरकार के उस दृष्टिकोण के अनुरूप है, जिसमें तकनीकी शिक्षा को अधिक सुलभ, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाना प्राथमिकता है।
MoU कि विस्तृत जानकारी देते हुए विभागीय सचिव डॉ. प्रतिमा ने बताया कि नई व्यवस्था से छात्रों को अध्ययन और शोध के लिए भरोसेमंद एवं अद्यतन सामग्री अब एक ही माध्यम से उपलब्ध हो सकेगी। इससे प्रोजेक्ट कार्य, सेमिनार, थीसिस और शोध गतिविधियों की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा अलग-अलग स्रोतों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही शोधशुद्धि जैसी सेवाओं से अकादमिक लेखन में गुणवत्ता और अनुशासन सुनिश्चित किया जा सकेगा।INFLIBNET के साथ यह सहयोग तकनीकी शिक्षा संस्थानों में अकादमिक संसाधनों के प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा।
'यह साझेदारी विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि'
इस दौरान बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेश कांत वर्मा ने कहा कि INFLIBNET के साथ यह साझेदारी विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इससे विश्वविद्यालय और इसके अधीन महाविद्यालयों की शिक्षण एवं शोध व्यवस्था राष्ट्रीय डिजिटल अकादमिक नेटवर्क से सशक्त रूप से जुड़ सकेगी। INFLIBNET के साथ यह सहयोग तकनीकी शिक्षा संस्थानों में अकादमिक संसाधनों के प्रबंधन, शोध डेटा के एकीकरण और डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देगा। समझौते के उपरांत संबंधित महाविद्यालयों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, आवश्यक तकनीकी व्यवस्था तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से इन सेवाओं को नियमित शैक्षणिक और शोध कार्यों से जोड़ा जाएगा।