गांव से ग्लोबल तक का सफर.. बिहार के इस गांव का हर्बल गुलाल अब अमेजन-फ्लिपकार्ट पर मचा रहा धूम

Edited By Ramanjot, Updated: 23 Feb, 2026 02:32 PM

matia s  nature village  brand reaches flipkart and amazon

मटिया गांव डिजिटल बाजार का नया केंद्र बन गया है। यहां की महिलाओं द्वारा तैयार हर्बल गुलाल और मसाले अब 'नेचर विलेज' ब्रांड के नाम से अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध हैं। इस पहल से 30 से अधिक महिलाओं ने बीड़ी बनाने का काम छोड़ दिया है, जिससे उनकी आय...

Bihar News: बिहार में जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड का मटिया गांव अब डिजिटल बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुका है। यहां तैयार हर्बल गुलाल और मसाले अब देश के बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट और अमेजॉन पर उपलब्ध हैं। छोटे से गांव के कुटीर उद्योग का ऑनलाइन माकेर्ट तक पहुंचना ग्रामीण उद्यमिता की बड़ी सफलता मानी जा रही है। 

आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग ने बदली बाजार की तस्वीर 
लगातार तीन सालों के प्रयास के बाद मटिया का हर्बल गुलाल और मसाला उत्पादन 'नेचर विलेज' ब्रांड के रूप में स्थापित हुआ। शुरुआत में उत्पादन के मुकाबले बिक्री कम थी, लेकिन रणनीतिक बदलाव खासकर आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग ने बाजार की तस्वीर बदल दी। हर उत्पाद पर 'नेचर विलेज मटिया' का स्पष्ट नाम और पहचान चिन्ह जोड़ा गया, जिससे ग्राहकों में भरोसा बढ़ा। शुद्धता और प्राकृतिक गुणवत्ता इसकी सबसे बड़ी पहचान बनकर उभरी। पहले जहां उत्पाद स्थानीय बाजार तक सीमित थे, अब जिले और राज्य के बाहर भी आसानी से उपलब्ध हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मौजूदगी ने बिक्री का दायरा बढ़ाया और मटिया को नई पहचान दी। 

ग्रामीण महिलाओं को मिला बड़ा लाभ
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिला है, जो महिलाएं पहले बीड़ी बनाकर 50 से 100 रुपये प्रतिदिन कमाती थीं, वे अब हर्बल गुलाल और मसाला उत्पादन से 300 रुपये से अधिक की हर दिन आमदनी कर रही हैं। करीब 30 से अधिक महिलाएं इस पहल से जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं। बीड़ी निर्माण से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा मिला है। अब महिलाएं स्वच्छ माहौल में काम कर रही हैं, जिससे अस्थमा जैसी बीमारियों का खतरा भी कम हुआ है। 

नेचर विलेज के संस्थापक निर्भय प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष 40 क्विंटल हर्बल गुलाल का उत्पादन किया गया था, जबकि इस बार 50 क्विंटल से अधिक उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जो बीते साल की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में मात्र 6 क्विंटल हर्बल गुलाल का उत्पादन हुआ था, लेकिन लगातार मेहनत और बढ़ती मांग के कारण उत्पादन में तेजी से वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि नेचर विलेज का हर्बल गुलाल पूरी तरह इको-फ्रेंडली, स्किन-फ्रेंडली और नॉन-टॉक्सिक है। इसके निर्माण में फलों का उपयोग किया जाता है और किसी भी प्रकार के केमिकल का प्रयोग नहीं किया जाता, जिससे यह पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए सुरक्षित है। 

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