Edited By Ramanjot, Updated: 10 Jan, 2026 09:19 PM

बिहार में औद्योगिक क्रांति को बढावा देने के लिए प्रदेश की सरकार औद्योगिक इकाईयों को हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। इसी कड़ी में बिहार सरकार ने बंद या विवादित औद्योगिक इकाईयों को चालू करने की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया है।
Bihar News: बिहार में औद्योगिक क्रांति को बढावा देने के लिए प्रदेश की सरकार औद्योगिक इकाईयों को हर संभव मदद करने के लिए तैयार है। इसी कड़ी में बिहार सरकार ने बंद या विवादित औद्योगिक इकाईयों को चालू करने की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब औद्योगिक युनिट को बिहार इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट एथॉरिटी यानि बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी के लिए आवेदन की तिथि को तीन महीने तक बढ़ा दी गयी है। ताकि 31 दिसंबर तक आवेदन नहीं करने वाले औद्योगिक इकाईयों को अब 31 मार्च तक आवेदन जमा कर सकते है। वहीं विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार पॉलिसी की शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 क्या है
बियाडा एमनेस्टी पॉलिसी 2025 बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) के द्वारा शुरू की गयी एक पॉलिसी है। इस पॉलिसी के तहत बंद पड़े या विवादित उद्योगों को फिर से शुरू करने बकाया निपटाने और भूमि का बेहतर उपयोग करने के लिए लायी गयी एक योजना है, जिसके आवेदन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गयी थी। लेकिन इन औद्योगिक इकाईयों के मालिकों की सुविधा के लिए इस तिथि को बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी गई है। ताकि उद्योगपति आसानी से इस वन टाइम सेटलमेंट का लाभ लेकर बिहार में तेजी से चल पड़ी उद्योग की रफ्तार को वन टाइम सेंटलमेंट का लाभ उठाकर राज्य के औद्योगिक विकास को गति प्रदान कर सकें और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बिहार इंडस्ट्रियल संकल्प के सपने को पूरा करने में मदद कर सकें।
बकाया चुकाओ, जुर्माना माफ
वहीं उद्योग विभाग की इस पॉलिसी के जरिये बंद पडे छोटे-बड़े कारखानों को बकाया भगुतान करके जुर्माने से राहत मिल सकती है। वहीं औद्योगिक इकाईयों के मालिकों के जरूरत अनुसार इसके आवेदन की तिथि 31 दिसंबर से बढाकर 31 मार्च कर दी गयी है। वहीं जानकारी के लिए बता दें कि आवेदकों को निर्धारित शर्तों के साथ शपथ पत्र, बैंक गारंटी, प्रशासनिक शुल्क को पूरा करना होगा।