"अब हम 2002 हैं, आपके साथ कितने लोग बचे हैं?".. विधानसभा में विपक्ष पर बरसे नीतीश कुमार, गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

Edited By Ramanjot, Updated: 24 Feb, 2026 05:55 PM

nitish kumar lashed out at the opposition in the bihar assembly

बिहार विधानसभा में चौकीदार-दफादार पर लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के बीच तीखी झड़प हुई। मुख्यमंत्री ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उन्हें संख्या बल और सरकार की उपलब्धियों की याद दिलाई।

Bihar News: बिहार विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। प्रश्नकाल के दौरान पटना में ‘चौकीदारों’ और ‘दफादारों’ पर हुए कथित बल प्रयोग का मुद्दा उठाते हुए विपक्षी सदस्य सदन के बीचों-बीच (वेल) आ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्ष को मर्यादा में रहने की नसीहत दी। 

"क्या यही तरीका है?": मुख्यमंत्री की नाराजगी 

विपक्ष के शोर-शराबे से नाराज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खड़े होकर सदस्यों को टोकते हुए कहा, "बेकार की बातें मत कीजिए। मैं आप सबकी बातें चुपचाप बैठकर सुनता रहता हूं, क्या सदन चलाने का यही तरीका है? चुपचाप अपनी सीटों पर बैठ जाइए।" 

सीटों के गणित पर उलझी जुबान 

विपक्ष पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने एनडीए गठबंधन की मजबूती का हवाला दिया। हालांकि, बोलते समय उनके शब्द थोड़े उलझ गए। उन्होंने कहा, "आप लोगों की संख्या कितनी कम हो गई है? अब हम 2002 (आशय 202 विधायकों से था) हैं, आपके साथ कितने लोग बचे हैं?" मुख्यमंत्री का संकेत एनडीए के पास मौजूद बहुमत के आंकड़े की ओर था। 

पुरानी पद्धति में बदलाव बना विवाद की जड़ 

विपक्ष का विरोध राज्य सरकार के उस फैसले के खिलाफ था, जिसमें ब्रिटिश काल से चली आ रही चौकीदारों की 'वंशानुगत भर्ती' (पीढ़ी दर पीढ़ी नौकरी हस्तांतरित होना) की पद्धति को बदलने का निर्णय लिया गया है। राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे ग्राम प्रहरियों पर पुलिस ने बर्बरता से लाठीचार्ज किया, जो लोकतंत्र के खिलाफ है। मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था और विकास के अभूतपूर्व काम किए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि "पहले शाम के बाद कोई घर से निकलने की हिम्मत नहीं करता था।" 

सदन की कार्यवाही बाधित 

विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की गरिमा प्रभावित हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विपक्ष द्वारा किया जा रहा आचरण उचित नहीं है और सरकार अपने सुधारवादी फैसलों पर कायम है।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!