Edited By Ramanjot, Updated: 18 Nov, 2025 07:53 AM

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की करारी हार के बाद आरजेडी समर्थकों ने सोमवार (17 नवंबर 2025) को राबड़ी आवास के बाहर जोरदार हंगामा किया।
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की करारी हार के बाद आरजेडी समर्थकों ने सोमवार (17 नवंबर 2025) को राबड़ी आवास के बाहर जोरदार हंगामा किया। बड़ी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने Political Protest in Bihar के दौरान तेजस्वी यादव के सलाहकार और राज्यसभा सांसद संजय यादव को हार का सीधा जिम्मेदार बताते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। समर्थकों ने ‘संजय यादव मुर्दाबाद’, ‘संजय यादव बिहार छोड़ो’ और ‘संजय यादव हरियाणा जाओ’ जैसे नारे लगाए, जिससे पूरा इलाका तनावपूर्ण बन गया।
50 सीटों का नुकसान, RJD में गहरा सदमा
2025 के विधानसभा चुनाव में आरजेडी की सीटें घटकर सिर्फ 25 रह गईं, जबकि 2020 में पार्टी 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। इस बार आरजेडी को सीधे 50 सीटों की भारी गिरावट झेलनी पड़ी, जो महागठबंधन और पार्टी नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई। Bihar Assembly Election Results 2025 आने के बाद से ही पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति बनी हुई थी, जो अब खुलकर सड़क पर देखने को मिली।
तेजस्वी के आवास पर समीक्षा बैठक, बाहर भड़का गुस्सा
चुनाव नतीजों के बाद तेजस्वी यादव के आवास पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई, जिसमें लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, संजय यादव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुना गया। लेकिन बैठक खत्म होते ही बाहर मौजूद समर्थकों का गुस्सा अचानक भड़क उठा और उन्होंने संजय यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। समर्थकों का आरोप था कि चुनाव रणनीति कमजोर रही और इसकी पूरी जिम्मेदारी संजय यादव पर आती है।
लालू परिवार के भीतर भी बढ़ती नाराजगी
संजय यादव को लेकर विवाद सिर्फ समर्थकों तक सीमित नहीं है। लालू परिवार के कई सदस्य भी लंबे समय से उन पर निशाना साधते रहे हैं। लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव कई बार उन्हें “जयचंद” कह चुके हैं। वहीं, लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया पर कहा था कि “जो चाणक्य बन रहा था, हार की जिम्मेदारी भी वही ले।” उनका इशारा भी साफ तौर पर संजय यादव की ओर था। अब समर्थकों के विरोध के बाद यह साफ हो गया है कि Internal Conflict in RJD लगातार बढ़ रहा है और पार्टी के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।