Edited By SHUKDEV PRASAD, Updated: 11 Mar, 2026 11:45 PM

राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में Tejashwi Yadav और Akhtarul Iman के बीच बुधवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई।
Bihar News: राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में Tejashwi Yadav और Akhtarul Iman के बीच बुधवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस मुलाकात में राज्यसभा चुनाव के समीकरणों के साथ-साथ अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने बातचीत को सकारात्मक बताया, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि विपक्षी खेमे में सहयोग को लेकर प्रयास जारी हैं।
तेजस्वी यादव बोले – बातचीत रही सकारात्मक
मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि चर्चा अच्छे माहौल में हुई। उन्होंने बताया कि अख्तरुल ईमान ने उन्हें 15 मार्च को अपने घर पर आयोजित इफ्तार कार्यक्रम में आने का न्योता दिया है। तेजस्वी ने कहा कि वे इस निमंत्रण को स्वीकार करेंगे और आने वाले चुनाव में विपक्ष की जीत को लेकर आशावादी हैं।
AIMIM का रुख: पहले केंद्रीय नेतृत्व से होगी चर्चा
वहीं अख्तरुल ईमान ने कहा कि बैठक में कई मुद्दों पर बातचीत हुई है, लेकिन अंतिम निर्णय से पहले वे इस चर्चा की जानकारी अपने केंद्रीय नेतृत्व को देंगे।उन्होंने कहा कि फिलहाल इतना कहा जा सकता है कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई है और आगे की रणनीति पर जल्द फैसला लिया जाएगा।
विपक्ष के लिए अहम हो सकते हैं ये वोट
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) के पास विधानसभा में 5 विधायक हैं, जबकि Bahujan Samaj Party (BSP) का 1 विधायक है। अगर ये छह वोट विपक्ष के साथ आते हैं, तो राज्यसभा की एक सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
संख्या का समीकरण क्या कहता है
विधानसभा के आंकड़ों के अनुसार कुल 243 सदस्य हैं और राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 वोटों की जरूरत होती है।
Rashtriya Janata Dal (RJD) के पास 25 विधायक हैं। Indian National Congress के 6 विधायक हैं।वाम दलों के 3 विधायक और अन्य 1 विधायक मिलाकर विपक्ष के पास करीब 35 वोट बनते हैं। RJD ने इस चुनाव के लिए एडी सिंह को उम्मीदवार बनाया है और एक सीट जीतने के लिए उसे करीब 6 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है।
NDA की रणनीति और संभावित मुकाबला
दूसरी ओर National Democratic Alliance (NDA) के पास विधानसभा में मजबूत बहुमत है और वह पांच में से चार सीटें आसानी से जीत सकता है।हालांकि पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है, खासकर अगर AIMIM और BSP विपक्ष का साथ देते हैं। ऐसे में राज्यसभा चुनाव के समीकरण बदल सकते हैं।