सुपौल वन प्रमंडल पदाधिकारी के ठिकानों पर निगरानी का छापा, 14 बैंक खातों में जमा हैं करोड़ों रुपए

Edited By Ramanjot, Updated: 03 May, 2022 10:12 AM

surveillance raid on the locations of supaul forest divisional officer

ब्यूरो से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शरण के विरूद्ध लगभग 1,22,60,480 रुपए आय से अधिक अर्जित करने के आरोप में 28 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। ब्यूरो ने यहां जारी विज्ञप्ति में बताया कि फरवरी 1984 में वन क्षेत्र पदाधिकारी के पद पर नियुक्त हुए...

पटनाः बिहार राज्य निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने आय के ज्ञात स्रोत से अधिक धनार्जन को लेकर सुपौल वन प्रमंडल पदाधिकारी सुनील कुमार शरण के विभिन्न ठिकानों पर सोमवार को छापेमारी की।

ब्यूरो से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शरण के विरूद्ध लगभग 1,22,60,480 रुपए आय से अधिक अर्जित करने के आरोप में 28 अप्रैल को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। ब्यूरो ने यहां जारी विज्ञप्ति में बताया कि फरवरी 1984 में वन क्षेत्र पदाधिकारी के पद पर नियुक्त हुए थे और अबतक बिहार के विभिन्‍न जिलों में कार्य कर चुके हैं। जांच एजेंसी ने बताया कि 30 अप्रैल को निगरानी की विशेष अदालत से ‘सर्च वारंट' प्राप्त कर ब्यूरो की टीम ने शरण के पटना के श्रीकृष्णापुरी स्थित निजी आवास, मौर्यापथ स्थित एक फ्लैट एवं सुपौल स्थित आवास तथा सरकारी कार्यालय में तलाशी ली।

विज्ञप्ति के मुताबिक, तलाशी के दौरान शरण के इन ठिकानों से 4,12,000 रुपए नकद, 6,29,000 रुपए के सोने एवं चांदी के गहने बरामद किए और उनके 14 बैंक खातों के पासबुक में करोड़ों रुपए जमा पाया गया है तथा जीवन बीमा से संबंधित 17 पॉलिसी बरामद की गई। शरण की अचल संपत्ति में पटना के श्रीकृष्णापुरी स्थित एक चार मंजिला आलीशान भवन, स्वयं के नाम से गोला रोड स्थित एक फ्लैट, पत्नी सुधा शरण के नाम से मौर्यपथ शांति विहार अपार्टमेंट में एक फ्लैट, पुणे में पुत्र के नाम से करोड़ों के दो फ्लैट एवं एक दुकान, शेखपुरा जिला के वरबीघा में एक बीघा जमीन, नालंदा में जमीन के कागजात और भारतीय स्टेट बैंक की बरबीघा शाखा में एक लॉकर जिसकी तलाशी ली जानी बाकी है शामिल है।
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ने बताया कि शरण द्वारा म्युचुअल फंड एवं एसआईपी में 11,98,000 रुपए तथा डाकघर में किसान विकास एवं एनएससी में 2,40,000 रुपए का निवेश किया गया है। शरण द्वारा समर्पित वार्षिक संपति विवरणी में उपरोक्त में से किसी संपत्ति निवेश का उल्लेख नहीं है। ब्यूरो ने बताया कि शरण के निवेश संबंधी अभिलेखों की जांच किए जाने पर उनके द्वारा और अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने की सूचना संभावित है।

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