Edited By Swati Sharma, Updated: 09 Jan, 2026 02:17 PM

Tej Pratap and Tejashwi Yadav Met: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav), उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में आरोप...
Tej Pratap and Tejashwi Yadav Met: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav), उनके परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों के खिलाफ कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में आरोप तय करने का शुक्रवार को आदेश दिया। वहीं, सुनवाई के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट में एक अजीबोगरीब तस्वीर देखने को मिली।
लिफ्ट में मिले दोनों भाई
दरअसल, शुक्रवार को लालू-राबड़ी के दोनों बेटे तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav), तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) और बेटी मीसा भारती कोर्ट पहुंचे थे। अचनाक कोर्ट की लिफ्ट में दोनों भाइयों की मुलाकात हो गई। हालांकि, दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई। वहीं, तेजप्रताप अपनी बहन से भी दूरी बनाते दिखे। यह तस्वीर लालू परिवार के भीतर मचे घमासान की गवाह बनी है। बता दें कि लैंड फॉर जॉब केस में लालू परिवार को बहुत बड़ा झटका लगा है। दरअसल, दिल्ली की कोर्ट ने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए हैं।
रेलवे अधिकारियों समेत 52 लोगों को किया गया बरी
विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि यादव ने रेल मंत्रालय को अपनी निजी जागीर के रूप में इस्तेमाल किया ताकि वह एक आपराधिक गतिविधि को अंजाम दे सकें, जिसमें सरकारी नौकरी को सौदेबाजी के हथियार के रूप में इस्तेमाल करके यादव परिवार ने रेलवे अधिकारियों और अपने करीबी सहयोगियों की मिलीभगत से जमीन हासिल की। अदालत ने इस मामले में 41 लोगों के खिलाफ आरोप तय किये और रेलवे अधिकारियों समेत 52 लोगों को बरी कर दिया। इससे पहले, सीबीआई ने मामले में आरोपी व्यक्तियों की स्थिति के बारे में एक सत्यापन रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें कहा गया था कि उसके आरोप-पत्र में नामजद 103 आरोपियों में से पांच की मौत हो गई है। अदालत ने मामले में औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए 23 जनवरी की तारीख तय की है। जांच एजेंसी ने कथित घोटाले के सिलसिले में लालू यादव, उनकी पत्नी एवं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे तेजस्वी यादव और अन्य के खिलाफ आरोप-पत्र दायर किया था।