राघोपुर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला, लालू के गढ़ में तेजस्वी के लिए आसान नहीं जीत की उम्मीद

Edited By Nitika, Updated: 31 Oct, 2020 03:03 PM

tejashwi hopes not winning easy

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव महागठबंधन के लिए समर्थन जुटाने की खातिर हर रोज चुनाव प्रचार के लिए एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र जा रहे हैं

 

हाजीपुरः बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद के छोटे बेटे तेजस्वी यादव महागठबंधन के लिए समर्थन जुटाने की खातिर हर रोज चुनाव प्रचार के लिए एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र जा रहे हैं, ताकि वह मुख्यमंत्री बनने का लक्ष्य हासिल कर सकें, लेकिन उनके लिए अपनी ही सीट राघोपुर पर जीत हासिल करना उतना आसान नहीं होगा, जहां भाजपा नेता सतीश कुमार और लोजपा के राकेश रौशन मुकाबले को त्रिकोणीय बना रहे हैं।

राघोपुर विधानसभा क्षेत्र हाजीपुर लोकसभा सीट का हिस्सा है और यह वैशाली जिले में आता है। इस विधानसभा क्षेत्र के लिए 3 नवंबर को राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के तहत मतदान होगा। तेजस्वी यादव 2015 में भी इस सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे और जीत हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में उपमुख्यमंत्री बने थे। उस समय तेजस्वी नीतीश कुमार को ‘चाचा' कहकर संबोधित किया करते थे, लेकिन नीतीश की पार्टी के साथ उनका गठबंधन 2017 में टूट गया और अब तेजस्वी मुख्यमंत्री पद के लिए अपने ‘चाचा' को चुनौती दे रहे हैं।

महागठबंधन ने तेजस्वी को मुख्यमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है, लेकिन मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनने के बाद मुख्यमंत्री की कुर्सी पर वास्तव में बैठ पाना इस बात पर निर्भर करेगा कि तेजस्वी अपनी सीट से चुनाव जीतते हैं या नहीं। राजद, कांग्रेस और वाम दल महागठबंधन का हिस्सा हैं। राघोपुर सीट यादव बहुल क्षेत्र है, जिससे लालू प्रसाद ने 1995, 2000 और उनकी पत्नी राबड़ी देवी ने 2005 में चुनाव जीता था। भाजपा के सतीश कुमार ने 2010 विधानसभा चुनाव में राबड़ी देवी को शिकस्त दी थी, लेकिन वह 2015 में तेजस्वी के हाथों हार गए थे। उस समय तेजस्वी राजद, जद(यू) और कांग्रेस के गठबंधन की ओर से उम्मीदवार थे, जबकि भाजपा चुनावी मैदान में अकेले उतरी थी। इस बार समीकरण बदल गए हैं। जद (यू) के पास भाजपा का समर्थन है और राजद ने कांग्रेस और वाम दलों के साथ गठबंधन किया है।

राघोपुर सीट से इस बार 12 उम्मीदवार चुनावी मैदान में भाग्य आजमा रहे हैं। चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोजपा ने मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के लिए राकेश रौशन को इस सीट से मैदान में उतारा है। सतीश कुमार विधानसभा क्षेत्र में रोजाना प्रचार कर रहे हैं, लेकिन तेजस्वी चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे लालू प्रसाद की गैर मौजूदगी में राजद के स्टार प्रचारक होने के कारण अपने क्षेत्र में अधिक प्रचार नहीं कर पा रहे हैं। लोजपा के राकेश रौशन भी क्षेत्र में सक्रिय हैं, लेकिन भाजपा उम्मीदवार उन्हें हल्के में ले रहे हैं और उन्हें ‘वोट कटवा' बता रहे हैं।
 

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