Edited By Ramanjot, Updated: 02 Mar, 2026 03:57 PM

Bihar Rajya Sabha elections: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव में एनडीए और महागठबंधन के बीच मुकाबला दिलचस्प हो गया है। एनडीए जहां सभी पांचों सीटों पर जीत का दावा कर रही है, वहीं आरजेडी नेतृत्व वाला विपक्ष एक सीट पर सेंध लगाने की...
Bihar Rajya Sabha elections: बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को बेहद दिलचस्प बना दिया है। विधानसभा के नंबर गेम के आधार पर एनडीए चार सीटें आसानी से जीतती दिख रही है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जेडीयू के दावों ने इस मुकाबले को त्रिकोणीय संघर्ष की ओर मोड़ दिया है।
क्या खुद मैदान में उतरेंगे तेजस्वी?
आरजेडी की हालिया बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि पार्टी राज्यसभा चुनाव में मजबूती से लड़ेगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह के बयानों के बाद सियासी गलियारों में चर्चा है कि तेजस्वी यादव खुद पांचवीं सीट के लिए उम्मीदवार हो सकते हैं। रणनीतिकारों का मानना है कि यदि तेजस्वी खुद मैदान में उतरते हैं, तो उन्हें कांग्रेस, वामदलों के साथ-साथ AIMIM और बसपा का भी समर्थन मिल सकता है, जो किसी अन्य आरजेडी नेता के लिए जुटाना मुश्किल होगा।
एनडीए की रणनीति
दूसरी तरफ, एनडीए खेमे में भी हलचल तेज है। चिराग पासवान की अध्यक्षता में हुई एलजेपी (आर) विधायक दल की बैठक में सभी पांचों सीटों पर एनडीए की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प लिया गया है। बीजेपी और जेडीयू अपने कोटे से 2-2 सदस्य भेजने के बाद पांचवीं सीट पर किसे मौका देंगी, यह बड़ा सवाल है। उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल खत्म हो रहा है, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। वहीं जीतनराम मांझी की पार्टी की नजर भी इस 'प्रतिष्ठा' की सीट पर टिकी है।
नंबर गेम की चुनौती
पांचवीं सीट पर जीत दर्ज करने के लिए एनडीए को विपक्षी खेमे के कम से कम तीन अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता पड़ सकती है। वहीं, आरजेडी को अपनी एक सीट बचाने के लिए महागठबंधन के सभी दलों सहित छोटे दलों (AIMIM और निर्दलीय) को एकजुट रखना होगा।