Edited By Khushi, Updated: 26 Mar, 2026 02:06 PM

Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची में रसोई गैस की किल्लत गंभीर रूप ले रही है। खासकर पांच किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर, जिनकी कीमत लगभग 340 रुपये है, अब बाजार से गायब हो चुके हैं। इस संकट का सबसे बड़ा असर हॉस्टल और लॉज में रहने वाले छात्रों पर...
Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची में रसोई गैस की किल्लत गंभीर रूप ले रही है। खासकर पांच किलो वाले छोटे गैस सिलिंडर, जिनकी कीमत लगभग 340 रुपये है, अब बाजार से गायब हो चुके हैं। इस संकट का सबसे बड़ा असर हॉस्टल और लॉज में रहने वाले छात्रों पर पड़ा है। कई छात्रों ने बताया कि खाना बनाना मुश्किल हो गया है और मजबूरी में वे महंगी अवैध रिफिलिंग का सहारा ले रहे हैं। कुछ जगहों पर मेस बंद होने से समस्या और बढ़ गई है। अवैध रिफिलिंग में प्रति किलो 300 रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी
शहर के कई मोहल्लों में अवैध गैस रिफिलिंग चल रही है। दुकानदार मनमानी दर वसूल रहे हैं और जमाखोर इस संकट का फायदा उठा रहे हैं। जिला प्रशासन के पास यह सब होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रिपोर्टर और गैस रिफिलिंग करने वाले के बीच हुई बातचीत में यह साफ हुआ कि दुकानदार भी मजबूरी में महंगी गैस बेचने को मजबूर हैं। अवैध रिफिलिंग महंगी होने के साथ-साथ खतरनाक भी है। सुरक्षा नियमों के बिना गैस भरने से आग लगने और विस्फोट जैसी घटनाओं का खतरा रहता है। इसके बावजूद लोग मजबूरी में यह जोखिम उठा रहे हैं।
बुकिंग लंबित
रांची जिले में इंडियन आयल के लगभग 70 हजार गैस सिलिंडर बुकिंग लंबित हैं। शहर में कुल 1.5 लाख उपभोक्ता हैं, जबकि सामान्य दिनों में सिर्फ 10,500 सिलिंडर ही डिलीवर होते हैं। जिले में कुल 22 इंडियन आयल की एजेंसी हैं, लेकिन मांग पूरी नहीं हो पा रही है।
समाधान की जरूरत
विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या को दो स्तर पर हल किया जाना चाहिए। एक ओर छोटे सिलिंडर की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, वहीं दूसरी ओर अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो। छात्रों और आम लोगों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी में यह संकट गंभीर चुनौती बन चुका है।