Edited By Khushi, Updated: 14 Jan, 2026 06:40 PM

Deoghar News: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर झारखंड के देवघर में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक नगरी देवघर में लोगों की बड़ी भीड़ उमड़ी। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम में बुधवार को अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
Deoghar News: मकर संक्रांति के पावन अवसर पर झारखंड के देवघर में स्थित प्रसिद्ध धार्मिक नगरी देवघर में लोगों की बड़ी भीड़ उमड़ी। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ धाम में बुधवार को अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कड़ाके की ठंड के बावजूद भक्त 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष के साथ मंदिर परिसर में दर्शन के लिए कतारबद्ध नजर आए।
मकर संक्रांति को लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। ब्रह्म मुहूर्त में कांचा जल पूजा के साथ पूजा-अर्चना की शुरुआत हुई। इसके बाद सरदार पंडा गुलाब नंद ओझा द्वारा सरकारी पूजा विधि-विधान के साथ संपन्न कराई गई। इस अवसर पर बाबा का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति पर बाबा बैद्यनाथ को तिल और गुड़ अर्पित किया गया। इसके बाद बाबा को तिल, गुड़ और खिचड़ी का विशेष भोग लगाया गया। मान्यता है कि बाबा को तिल अर्पित करने के बाद ही श्रद्धालु तिल या तिल से बनी वस्तुओं का सेवन करते हैं। इसी दिन से माघ माह की शुरुआत के साथ पूरे एक महीने तक बाबा को तिल, दही और खिचड़ी का विशेष भोग लगाने की परंपरा निभाई जाती है, जिसे अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
मंदिर के वरिष्ठ पंडा ने बताया कि मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सूर्य आराधना और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही विवाह, जनेऊ, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों के लिए शुभ मुहूर्त प्रारंभ हो जाता है। उन्होंने बताया कि बाबा बैद्यनाथ को खिचड़ी और तिल के लड्डू का भोग पूरे माघ माह तक अर्पित किया जाएगा और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा। संभावित भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर और आसपास दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारी और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। व्यवस्था का जायजा लेने उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा स्वयं बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।