Edited By Khushi, Updated: 03 Apr, 2026 03:15 PM

Jharkhand News: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। इसका असर अब आम यात्री की जेब पर पड़ने लगा है। विमानन कंपनी इंडिगो ने घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल चार्ज (ईंधन शुल्क) बढ़ा दिया है।...
Jharkhand News: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे तनाव के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। इसका असर अब आम यात्री की जेब पर पड़ने लगा है। विमानन कंपनी इंडिगो ने घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल चार्ज (ईंधन शुल्क) बढ़ा दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर रांची के भगवान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ानों पर दिख रहा है।
दाम क्यों बढ़े?
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, मिडिल ईस्ट की स्थिति के कारण एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें बढ़ गई हैं। इंडिगो ने इस खर्च को पूरा करने के लिए टिकट पर अतिरिक्त फ्यूल चार्ज लगाया है। छोटे और मीडियम शहरों के लोग, जो हवाई सफर पर निर्भर हैं, अब इस बढ़ोतरी से सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
रांची से प्रमुख शहरों के लिए नया किराया
- रांची – चेन्नई: ₹2400–₹2500 की बढ़ोतरी, नया किराया ₹9408–₹10084
- रांची – बेंगलुरु: ₹1500–₹1700 बढ़ा, नया किराया ₹8509–₹10706
- रांची – मुंबई: ₹900–₹1500 का इजाफा, नया किराया ₹7425–₹8989
- रांची – दिल्ली: ₹600–₹1000 बढ़ा, नया किराया ₹6191–₹6892
- नजदीकी शहरों के लिए भी बढ़ा दाम
- रांची – कोलकाता: ₹800–₹1300 तक बढ़ोतरी
- रांची – पटना: ₹500–₹1000 तक बढ़ोतरी
विशेषज्ञों का कहना है कि इंडिगो का यह फैसला अन्य एयरलाइंस को भी किराए बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकता है। अगर मिडिल ईस्ट का संकट जल्द नहीं सुलझा, तो हवाई सफर आम आदमी के लिए और महंगा और मुश्किल हो सकता है।