CM हेमंत ने विधानसभा में JPSC अभ्यर्थियों को दी बड़ी राहत, कटऑफ डेट 1 अगस्त 2022 की निर्धारित

Edited By Khushi, Updated: 21 Feb, 2026 06:01 PM

cm hemant soren gave a major relief to jpsc candidates in the assembly setting

Ranchi News: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में जेपीएससी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देने की घोषणा की जबकि हाथियों के आतंक से मौत पर मुआवजा की राशि बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए...

Ranchi News: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सदन में जेपीएससी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देने की घोषणा की जबकि हाथियों के आतंक से मौत पर मुआवजा की राशि बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत पहुंचाने के लिए एसओपी बनाने का संकेत भी दिया।

"जल्द ही मुआवजा राशि बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा"
मुख्यमंत्री सोरेन ने सदन में घोषणा की कि झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) के अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ डेट अब 1 अगस्त 2022 निर्धारित की गई है। पहले कटऑफ डेट 2026 निर्धारित था। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद हजारों ऐसे अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा, जो पूर्व निर्धारित तिथि के कारण पात्रता से वंचित हो रहे थे। हालांकि, छात्र संगठन अगस्त 2018 को कटऑफ डेट बनाने की मांग कर रहे थे। वहीं झारखंड में हाथियों के हमलों से होने वाली मौत और नुकसान को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेने के संकेत दिए हैं। सोरेन ने विधानसभा में कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और एक समेकित एसओपी तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल झारखंड में हाथी के हमले में मौत होने पर 4 लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है। हालांकि, अन्य राज्यों में यह राशि 4 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक है। सरकार असम, ओडिशा और अन्य राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन कर रही है और जल्द ही मुआवजा राशि बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा।

"अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी"
सोरेन ने कहा कि नई एसओपी में यह प्रावधान किया जाएगा कि घटना के 10 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित हो। इसके साथ ही लकड़बग्घा, तेंदुआ और सांप जैसे अन्य वन्यजीवों के हमलों से होने वाली मौतों को भी एसओपी में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि खनन क्षेत्रों में अवैध खनन के कारण हाथियों का आतंक बढ़ रहा है, तो उस पर भी सरकार की नजर है और अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले विधायक तिवारी महतो ने मांडू क्षेत्र में भारी मशीनों से अवैध खनन का आरोप लगाया था। इस पर प्रभारी मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि सरकार को इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं है, लेकिन शिकायत मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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