Edited By Khushi, Updated: 18 Jan, 2023 11:52 AM

पारसनाथ पहाड़ी को जैन समुदाय के कथित ‘कब्जे' से मुक्त कराने के लिए आदिवासियों के एक संगठन ने बीते मंगलवार को देशव्यापी ‘मारंग बुरु बचाओ यात्रा' शुरू की।
जमशेदपुर: पारसनाथ पहाड़ी को जैन समुदाय के कथित ‘कब्जे' से मुक्त कराने के लिए आदिवासियों के एक संगठन ने बीते मंगलवार को देशव्यापी ‘मारंग बुरु बचाओ यात्रा' शुरू की। आदिवासी सेनगेल अभियान (एएसए) की 1 महीने लंबी यह यात्रा पारसनाथ पहाड़ी या ‘मारंग बुरु' को मुक्त कराने के लिए देशभर में समर्थन जुटाने के लिए निकाली जा रही है।
आदिवासी अपनी मांग को लेकर करेंगे प्रदर्शन
एएसए अध्यक्ष सल्खान मुर्मू ने कहा कि संगठन के सदस्य असम, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड के आदिवासी बहुल 50 जिलों में कलेक्टर कार्यालय के बाहर अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन करेंगे। एएसए के कार्यकर्ताओं ने बीते मंगलवार दोपहर असम के कोकराझार, चिरांग और बक्स, पश्चिम बंगाल के मालदा, पुरुलिया और बांकुरा, ओडिशा के क्योंझर, मयूरभंज, बालेश्वर, बिहार के कटिहार और पूर्णिया तथा झारखंड के जमशेदपुर, बोकारो और दुमका जिलों में प्रदर्शन किया।