Edited By Ramanjot, Updated: 09 Feb, 2026 06:24 PM

बिहार के मधेपुरा जिले से मिड-डे मील को लेकर एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। सदर प्रखंड के साहूगढ़ क्षेत्र के कारू टोला स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शनिवार को स्कूल का भोजन खाने के कुछ ही देर बाद 70 से अधिक बच्चे अचानक बीमार पड़ गए।
नेशनल डेस्क: बिहार के मधेपुरा जिले से मिड-डे मील को लेकर एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। सदर प्रखंड के साहूगढ़ क्षेत्र के कारू टोला स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शनिवार को स्कूल का भोजन खाने के कुछ ही देर बाद 70 से अधिक बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। खाना खाने के बाद बच्चों में उल्टी, पेट में तेज दर्द, चक्कर, घबराहट और बेचैनी जैसे लक्षण दिखने लगे। देखते ही देखते स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और शिक्षकों ने तुरंत बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना शुरू किया।
अस्पताल में भर्ती, एक बच्ची की हालत गंभीर
बीमार बच्चों को एम्बुलेंस और निजी गाड़ियों से मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर बच्चों की स्थिति अब सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं, लेकिन एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज लगातार चल रहा है।
भोजन में गड़बड़ी की आशंका
घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मिड-डे मील की खिचड़ी में मरी हुई छिपकली गिरने की आशंका है, जिसकी वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ी। कुछ लोगों ने भोजन सप्लाई से जुड़े एनजीओ और रसोई प्रबंधन की लापरवाही को इस हादसे का कारण बताया है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक किसी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। खाने के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण साफ हो पाएगा।
अभिभावकों का हंगामा, जांच और कार्रवाई की मांग
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर नाराजगी जताई और मिड-डे मील की गुणवत्ता,साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की।
लापरवाही साबित हुई तो होगी कड़ी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) खुद सदर अस्पताल पहुंचे और बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित एनजीओ, रसोइया या जिम्मेदार कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए मिड-डे मील की मॉनिटरिंग और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।