Edited By Nitika, Updated: 20 Apr, 2022 04:35 PM
यू तो आप पशु प्रेम के कई सारे किस्से सुने होंगे, जहां लोग अपने पालतू जानवर को अपने परिवार का हिस्सा मानकर उनके साथ अपनो जैसा व्यवहार करते हैं।
समस्तीपुर(अभिषेक कुमार सिंह): यू तो आप पशु प्रेम के कई सारे किस्से सुने होंगे, जहां लोग अपने पालतू जानवर को अपने परिवार का हिस्सा मानकर उनके साथ अपनो जैसा व्यवहार करते हैं। ऐसा ही एक मामला समस्तीपुर से सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपने वफादार कुत्ते की मौत के बाद अंतिम यात्रा निकाली। कुत्ते के अंतिम संस्कार में नम आंखों के साथ पूरे परिवार ने मानवता और प्रेम की अनूठी मिसाल पेश की है।

जानकारी के अनुसार, मामला दलसिंहसराय के गौसपुर का है, जहां व्यवसायी विनोद कुमार सिंह 11 साल पहले दिल्ली से एक कुत्ते के बच्चे को पालने के लिए अपने घर लाए थे। परिवार के सदस्यों ने उसका नाम एनी रखा। लोग उसे प्यार से एनी बाबू कहकर बुलाते थे। वह पूरी तरह से वेजिटेरियन था। इस वजह से पूरे परिवार के सदस्यों का उससे गहरा प्रेम था। एनी के वृद्ध हो जाने की वजह से बीते कुछ दिनों से वह बीमार था। इस वजह से उसकी स्वाभाविक मौत हो गई।

वहीं एनी की मौत के बाद पूरे परिवार ने अपने चहेते कुत्ते का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से करने का निर्णय लिया। उसकी शवयात्रा निकाल पास के ही जमीन में गढ़ा करते हुए उसे दफनाया गया। साथ ही उस जगह पर एक तुलसी का पौधा भी लगाया गया। इस संबंध में राम विनोद सिंह ने बताया कि एनी सिर्फ एक कुत्ता ही नहीं बल्कि उनके परिवार का एक वफादार सदस्य भी था। वह हम सभी की जिंदगी का एक हिस्सा था, जिसने पूरी वफादारी और ईमानदारी से उनके परिवार की रक्षा की है।
