Edited By Ramanjot, Updated: 03 Jul, 2024 03:09 PM

अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में जिन मामलों पर विशेष ध्यान देने की बात कही है, उनमें स्कूल भवन, बेंच-डेस्क की व्यवस्था, पीने के पानी की व्यवस्था, शौचालय, बिजली व्यवस्था आदि शामिल हैं। इसके साथ ही शिक्षण व्यवस्था, शिक्षा सेवक, बाढ़ एवं प्राकृतिक...
पटनाः बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने राज्य में शिक्षण व्यवस्था में सुधार के संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा है कि स्कूलों की आधारभूत संरचना, शिक्षण व्यवस्था, बच्चों की उपस्थिति, मध्य भोजना, विद्यालय निरीक्षण आदि पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।


अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में जिन मामलों पर विशेष ध्यान देने की बात कही है, उनमें स्कूल भवन, बेंच-डेस्क की व्यवस्था, पीने के पानी की व्यवस्था, शौचालय, बिजली व्यवस्था आदि शामिल हैं। इसके साथ ही शिक्षण व्यवस्था, शिक्षा सेवक, बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदा, बच्चों की उपस्थिति, शिक्षकों की शिकायतों का निवारण, विद्यालय निरीक्षण एवं आउटसोर्ट एजेंसी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने का आदेश दिया गया है। यह भी कहा गया है कि अगर किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो इसकी जवाबदेही जिला पदाधिकारियों की होगी।
आदेश में कहा गया है कि सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी का यह दायित्व होगा कि राज्य में शिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से चले एवं छात्रों व शिक्षकों का किसी भी स्तर पर भयादोहन न हो। शिक्षकों को सम्मान दिया जाए। शिक्षकों की उपस्थिति व शैक्षणिक कार्यों में जीरो टॉलरेंस की नीति को अपने अपने क्षेत्रों के अंतर्गत सुनिश्चित कराया जाए और आपके अधीनस्थ जो पूरी निरीक्षण व्यवस्था उपलब्ध है, उसका शत-प्रतिशत उपयोग करते हुए शिक्षण व्यवस्था को दुरूस्त कराए। इस पूरी व्यवस्था की समीक्षा जिला पदाधिकारी/उप विकास आयुक्त प्रत्येक सप्ताह करेंगे। इस समीक्षा का प्रतिवेदन जिला पदाधिकारी/उप विकास आयुक्त सीधे मेरे कार्यालय में भेजेंगे।


