Edited By Ramanjot, Updated: 23 Jan, 2026 01:22 PM

Bank Strike : हड़ताल के समर्थन में पटना में बैंककर्मियों ने रैली निकालकर सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन के सचिव अमरेश विक्रमादित्य ने बताया कि इस आंदोलन में हजारों बैंक अधिकारी और कर्मचारी...
Bank Strike : आम लोगों और कारोबारियों के लिए जरूरी बैंकिंग सेवाएं 27 जनवरी को बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर देशभर के बैंककर्मी एक दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। बिहार में भी इस हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिलेगा, जहां सार्वजनिक, निजी, विदेशी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी कामकाज ठप रखेंगे।
पटना में बैंककर्मियों ने निकाली रैली
हड़ताल के समर्थन में पटना में बैंककर्मियों ने रैली निकालकर सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन के सचिव अमरेश विक्रमादित्य ने बताया कि इस आंदोलन में हजारों बैंक अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि बैंक यूनियनें लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रयासरत हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं कर्मचारी
हड़ताल की प्रमुख मांग बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना है। बैंक यूनियनों का कहना है कि 7 दिसंबर 2023 और 8 मार्च 2024 को हुए समझौतों में इस व्यवस्था को लागू करने की सिफारिश की गई थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। इसी वजह से कर्मचारी आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
8,100 शाखाएं रहेंगी बंद
इस हड़ताल का बिहार के बैंकिंग सेक्टर पर बड़ा असर पड़ेगा। राज्य में लगभग 50 हजार बैंक अधिकारी और कर्मचारी काम पर नहीं आएंगे, जिसके चलते ग्रामीण बैंकों से लेकर विदेशी बैंकों तक की करीब 8,100 शाखाएं बंद रहने की संभावना है। चेक क्लियरेंस, नकद निकासी, जमा और अन्य जरूरी बैंकिंग सेवाएं बाधित रहेंगी। हड़ताल को सफल बनाने के लिए बैंकिंग सेक्टर की नौ प्रमुख यूनियनें एकजुट हुई हैं। गुरुवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूनियनों ने साफ किया कि जब तक पूर्व में हुए समझौतों के अनुसार मांगों को पूरा नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। बैंककर्मियों ने आम जनता से सहयोग की अपील की है।