Edited By Harman, Updated: 30 Jan, 2026 10:35 AM

Bihar News : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों से जुड़ा रहा। राज्य सरकार ने SC-ST प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की राशि दोगुनी...
Bihar News : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट (Nitish Cabinet) की अहम बैठक हुई। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों से जुड़ा रहा। राज्य सरकार ने SC-ST प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की राशि दोगुनी (Scholarship Doubled) करने का फैसला लिया है।
कक्षा 1 से 10 तक की छात्रवृत्ति में बड़ी बढ़ोतरी
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग द्वारा किए गए संशोधन के तहत कक्षा 1 से 10 तक पढ़ने वाले SC-ST विद्यार्थियों को मिलने वाली वार्षिक छात्रवृत्ति में उल्लेखनीय इजाफा किया गया है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार:
कक्षा 1 से 4 तक: ₹1200 वार्षिक
कक्षा 5 से 6 तक: ₹2400 वार्षिक
कक्षा 7 से 10 तक: ₹3600 वार्षिक
कक्षा 1 से 10 तक के छात्रावासी विद्यार्थी: ₹6000 वार्षिक
सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2011 से लागू छात्रवृत्ति दरें वर्तमान समय की महंगाई और शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप नहीं रह गई थीं, इसी को ध्यान में रखते हुए यह संशोधन किया गया है।
₹519.64 करोड़ सालाना खर्च, 27 लाख छात्रों को सीधा फायदा
इस संशोधित योजना पर राज्य सरकार हर वर्ष ₹519.64 करोड़ खर्च करेगी। इससे बिहार के करीब 27 लाख SC-ST छात्र-छात्राओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। छात्रवृत्ति का लाभ सरकारी, स्थायी मान्यता प्राप्त और स्थापना स्वीकृत विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस निर्णय से वंचित वर्गों के छात्रों को शिक्षा से जोड़े रखने और ड्रॉपआउट दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।
पिछड़ा-अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान भी हुआ दोगुना
कैबिनेट बैठक में पिछड़ा और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत दी गई। “मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना” के तहत मिलने वाली राशि को ₹1000 प्रति माह से बढ़ाकर ₹2000 प्रति माह प्रति छात्र कर दिया गया है।
8150 छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ
इस फैसले से विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों में रहने वाले लगभग 8150 छात्र-छात्राएं लाभान्वित होंगे। अनुदान राशि में वृद्धि के कारण इस योजना पर अनुमानित वार्षिक व्यय ₹19.56 करोड़ होगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि बढ़ी हुई अनुदान राशि 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी।