Edited By Ramanjot, Updated: 24 Nov, 2025 04:39 PM

सोमवार सुबह राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस सूर्य कांत (Justice Surya Kant) को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ दिलाई। उन्होंने हिंदी में ईश्वर के नाम पर शपथ ली। यह समारोह छोटा लेकिन बेहद गरिमामय था।
Chief Justice Surya Kant: सोमवार सुबह राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस सूर्य कांत (Justice Surya Kant) को भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ दिलाई। उन्होंने हिंदी में ईश्वर के नाम पर शपथ ली। यह समारोह छोटा लेकिन बेहद गरिमामय था।
पूर्व CJI गवई ने रची नई मिसाल
23 नवंबर को रिटायर हुए जस्टिस बीआर गवई (Former CJI BR Gavai) सुबह ऑफिशियल मर्सिडीज़ बेंज कार से राष्ट्रपति भवन पहुंचे। शपथ ग्रहण खत्म होने के बाद उन्होंने वही कार नए CJI के लिए छोड़ दी और खुद अपनी निजी गाड़ी से घर लौट गए। एक सूत्र ने बताया, “यह पहली बार हुआ जब किसी पूर्व CJI ने इतनी सादगी और परंपरा का सम्मान दिखाया।”
नए CJI ने छुए बड़ों के पैर
शपथ लेने के तुरंत बाद जस्टिस सूर्य कांत (CJI Justice Surya Kant) ने अपने परिवार के बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। यह दृश्य देख हर किसी की आंखें भर आईं।
कौन हैं जस्टिस सूर्य कांत?
- जन्म: 10 फरवरी 1962 (हिसार, हरियाणा)
- पहले रहे: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस
- कार्यकाल: 24 नवंबर 2025 से 9 फरवरी 2027 तक (लगभग 15 महीने)
- विशेष बात: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में कई ऐतिहासिक फैसले दे चुके हैं
समारोह में दिखा अंतरराष्ट्रीय सम्मान
शपथ ग्रहण में भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरीशस, नेपाल और श्रीलंका के मुख्य न्यायाधीशों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और पूर्व CJI गवई भी मौजूद रहे।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर लिखा:
“जस्टिस सूर्य कांत के भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने पर शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुआ। उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं।”