Edited By Swati Sharma, Updated: 28 Jan, 2026 11:01 AM

Chhapra News: बिहार में सारण जिले के व्यवहार न्यायालय छपरा में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत गठित विशेष न्यायालय ने एक मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास के साथ ही अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
Chhapra News: बिहार में सारण जिले के व्यवहार न्यायालय छपरा में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत गठित विशेष न्यायालय ने एक मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास के साथ ही अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को यहां बताया कि व्यवहार न्यायालय में पॉक्सो अदालत की न्यायाधीश स्मिता राज ने बारह साल की बच्ची से दुर्व्यवहार के मामले में मकेर थाना कांड संख्या 65/2023, भारतीय दंड विधान की धारा 376(डी.बी) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 04/06 के अभियुक्त फुलवरिया गांव निवासी सत्येन्द्र महतो और मुकेश साह को भारतीय दंड विधान की धारा 376 के तहत आजीवन कारावास तथा 50-50 हजार रुपया जुर्माना की सजा दी है। वहीं, पॉक्सो अधिनियम की धारा 04/06 के तहत दोनों अभियुक्तों को 20 वर्ष कठोर कारावास और 25 -25 हजार रुपया जुर्माना की सजा हुई है। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त 06 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
इस मामले में चिकित्सक सहित कुल 10 लोगों ने अपने बयान अदालत में दर्ज कराये थे। मामले में सरकार की तरफ से लोक अभियोजक सर्वजीत ओझा तथा सहायक अधिवक्ता अश्विनी कुमार ने बहस में भाग लिया था।