बिहार चुनाव हार के बाद कांग्रेस की समीक्षा बैठक में बवाल, धमकी-गाली तक पहुंची बात

Edited By Ramanjot, Updated: 28 Nov, 2025 07:22 AM

congress bihar review meeting

बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद दिल्ली में बुलाई गई पार्टी की समीक्षा बैठक में जमकर हंगामा हुआ।

Congress Bihar Review :  बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद दिल्ली में बुलाई गई पार्टी की समीक्षा बैठक में जमकर हंगामा हुआ। बैठक की अध्यक्षता पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने की, लेकिन कई नेताओं ने टिकट चयन, बाहरी उम्मीदवार और फ्रेंडली फाइट जैसे मुद्दों पर खुलकर नाराज़गी जताई।

टिकट बंटवारे पर बड़ा विवाद, नेता भड़क गए

सूत्रों के मुताबिक समीक्षा बैठक के दौरान कांग्रेस नेता संजय सिंह ने टिकट बंटवारे को हार की मुख्य वजह बताया। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार चयन के समय ही पार्टी के हार की स्थिति तय हो गई थी। जब कुछ प्रत्याशियों ने उन्हें बीच में टोका तो माहौल गरम हो गया और दोनों तरफ से तीखी बहसबाजी शुरू हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि संजय सिंह कथित तौर पर आपा खो बैठे और बीच में रोकने वालों को धमकी देते हुए विवादास्पद बातें कह दीं। सीनियर नेताओं ने हस्तक्षेप करके मामले को शांत कराया।

राहुल गांधी और खड़गे ने बैचों में लिया फीडबैक

बैठक में राहुल गांधी, खड़गे और के.सी. वेणुगोपाल ने नेताओं को 10-10 के समूह में बुलाकर ग्राउंड रिपोर्ट और फीडबैक सुना। बैठक में जीत-हार की रणनीति, संगठनात्मक कमजोरियां और गठबंधन की भूमिका पर भी खुलकर चर्चा हुई।

फ्रेंडली फाइट और टिकट बिक्री के आरोप भी उठे

कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि कई सीटों पर फ्रेंडली फाइट के चलते कांग्रेस को नुकसान हुआ। कई नेताओं ने यह भी कहा कि टिकट बंटवारे में गलत प्रक्रियाओं का इस्तेमाल हुआ। बैठक में शामिल वरिष्ठ नेताओं—राजेश राम, शकील अहमद खान, अखिलेश प्रसाद सिंह और मदन मोहन झा—ने भी स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।

कन्हैया कुमार को चुनाव में उपयोग न करने का मुद्दा

कुछ नेताओं ने कहा कि राज्य भर में प्रभाव रखने वाले नेताओं, खासकर कन्हैया कुमार, का चुनाव प्रचार में सही तरह इस्तेमाल नहीं किया गया, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ। कई ने सुझाव दिया कि नए नेताओं को आगे लाने की जरूरत है ताकि संगठन मजबूत हो सके।

RJD से गठबंधन पर उठे सवाल

कई नेताओं ने यह भी कहा कि यदि आरजेडी के साथ गठबंधन नहीं होता तो पार्टी का प्रदर्शन इतना खराब नहीं रहता। कुछ ने यहाँ तक सुझाव दिया कि राजद से फिलहाल गठबंधन समाप्त कर देना चाहिए और भविष्य में हालात देखकर ही दोबारा विचार किया जाए। इसी दौरान सीमांचल में असदुद्दीन ओवैसी के प्रभाव और मुस्लिम वोटों के बिखराव का मुद्दा भी उठाया गया।

बैठक में राहुल गांधी ने दिया निर्देश

बैठक शुरू होने से पहले राहुल गांधी ने साफ कहा कि किसी पर आरोप लगाने के बजाय अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र की स्थिति बताएं, ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

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