Edited By Ramanjot, Updated: 23 Oct, 2023 02:46 PM

पिछले साल की तरह इस साल भी माता के दरबार को देसी और विदेशी फूलों से सजाया गया है। थाईलैंड, कोलकाता और बेंगलुरु से स्पेशल ऑर्डर पर जहाज के माध्यम से फूल मंगाए गए हैं। यह फूल पहले वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर आए। उसके बाद एनएच 2 से...
कैमूरः बिहार के कैमूर जिला स्थित मुंडेश्वरी मंदिर को देश के प्राचीन मंदिरों में गिना जाता है। माता मुंडेश्वरी के मंदिर में नवरात्र चढ़ते ही लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। इन नौ दिनों में यहां उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और देश के अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में लोग आकर दर्शन करते हैं और मन्नत मांगते हैं। मन्नत पूरी होने पर यहां रक्तहीन बकरे की बाली माता को चढ़ती है।

वहीं पिछले साल की तरह इस साल भी माता के दरबार को देसी और विदेशी फूलों से सजाया गया है। थाईलैंड, कोलकाता और बेंगलुरु से स्पेशल ऑर्डर पर जहाज के माध्यम से फूल मंगाए गए हैं। यह फूल पहले वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर आए। उसके बाद एनएच 2 से होते हुए मुंडेश्वरी धाम पहुंचे। इसे सजाने के लिए भी कोलकाता और देश के अन्य राज्यों से कारीगरों को बुलाया गया है, जो दिन-रात मेहनत कर माता के दरबार को सजाने में जुटे हुए हैं।

मुंडेश्वरी धार्मिक न्याय समिति केसदस्य गोपाल जी ने बताया कि जिन फूलों से माता रानी का श्रृंगार किया जा रहा है, इनमें बेंगलुरु सिटी से मल्टी कलर रोज (बहुरंगी गुलाब), कोलकाता सिटी से अलग-अलग रंग के गेंदे का फूल मंगाए गए हैं। यह फूल अपने जगत में सर्वश्रेष्ठ पर विराजमान है। वहीं इनको सजाने के लिए भी कोलकाता, प्रयागराज और देश के अन्य शहरों से कारीगरों को बुलाया गया है।