Corona: बिहार में 3 माह के लिए अस्थायी तौर पर होगी डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की नियुक्ति

Edited By Ramanjot, Updated: 07 May, 2021 11:26 AM

doctors and other staff will be appointed temporarily in bihar for 3 months

मंगल पांडेय ने गुरुवार को कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने जिलों में अस्थायी तौर पर डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को लेकर जिलाधिकारी, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक और प्राचार्य के अलावा सिविल सर्जन को अधिकृत किया है। उन्होंने कहा...

पटनाः बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए सभी जिलों में तीन माह के लिए अस्थायी तौर पर डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की नियुक्ति का निर्णय लिया गया है। 

मंगल पांडेय ने गुरुवार को कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने जिलों में अस्थायी तौर पर डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित कराने को लेकर जिलाधिकारी, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक और प्राचार्य के अलावा सिविल सर्जन को अधिकृत किया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की संख्या बढ़ने से कोरोना मरीजों का बेहतर उपचार होगा। 

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि तीन महीने के लिए अस्थायी तौर पर नियुक्ति में विशेषज्ञ चिकित्सक में से स्नातकोत्तर (पीजी) वाले को 7000 रुपए एवं डिप्लोमा वाले को 5000 रुपए प्रतिदिन प्रति शिफ्ट मानदेय मिलेगा, वहीं चिकित्सकों में एमबीबीएस को 4000 रुपए प्रतिदिन प्रति शिफ्ट एवं बीएससी (नर्सिग) को 2000 प्रतिदिन प्रति शिफ्ट, जीएनएम को 1500 रुपए एवं एएनएम को 1000 रुपए प्रतिदिन प्रति शिफ्ट देने का निर्णय किया गया है।

मंगल पांडेय ने कहा कि मानेदय की यह दर कोरोना काल के परिप्रेक्ष्य में निर्धारित एक विशिष्ट दर है। इस दर को किसी अन्य उद्देश्य के लिए मानक दर नहीं माना जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त लैब टेक्निशियन, वार्ड ब्वॉय, डाटा इंट्री ऑपरेटर, मल्टी टास्किंग स्टाफ आदि की सेवा भी पूर्व से प्रचलित दरों पर मासिक आधार पर ली जा सकती है। आवश्यक मानव बल की संख्या का निर्धारण स्वास्थ्य विभाग की गठित समिति करेगी।

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