Kartik Purnima 2025: देव दीपावली व गुरु नानक जयंती का आज पावन दिन,जानें क्या है पूजा का सही टाइम?

Edited By Ramanjot, Updated: 05 Nov, 2025 07:11 AM

guru nanak jayanti 2025

आज यानी 05 नवंबर 2025 (बुधवार) को कार्तिक पूर्णिमा है। इसी दिन देव दीपावली (Dev Diwali 2025) और गुरु नानक जयंती (Guru Nanak Jayanti 2025) भी मनाई जाती है

Kartik Purnima 2025: आज यानी 05 नवंबर 2025 (बुधवार) को कार्तिक पूर्णिमा है। इसी दिन देव दीपावली (Dev Diwali 2025) और गुरु नानक जयंती (Guru Nanak Jayanti 2025) भी मनाई जाती है — धार्मिक दृष्टि से यह दिन स्नान, दीपदान और विशेष पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

आज का पंचांग (Aaj ka Panchang — 05 November 2025)

  • तिथि: शुक्ल पूर्णिमा
  • मास (पूर्णिमांत): अश्विन
  • दिन: बुधवार
  • संवत्: 2082
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त: सायं 06:48 बजे तक
  • चंद्रोदय / चन्द्र समय: चंद्रोदय सुबह 05:11 बजे पर हुआ। (आज चन्द्रास्त नहीं होगा)
  • सूर्योदय: प्रातः 06:36 बजे
  • सूर्यास्त: सायं 05:33 बजे
  • योग, करण और नक्षत्र
  • योग: सिद्धि — प्रातः 11:28 बजे तक
  • करण: विष्टि — प्रातः 08:44 बजे तक; बव — सायं 06:48 बजे तक; 6 नवंबर को बालव प्रातः 04:51 तक
  • नक्षत्र: अश्विनी — प्रातः 09:40 तक; उसके बाद भरणी नक्षत्र

 देव दीपावली का धार्मिक महत्व (Dev Diwali Significance)

देव दीपावली कार्तिक पूर्णिमा की रात मनाई जाती है—कहना है कि देवताओं ने त्रिपुरासुर के वध के बाद दीप जलाकर प्रसन्नता जताई थी। वाराणसी जैसे पवित्र शहरों में गंगा तट पर लाखों दीपों से यह रात्रि जगमगा उठती है। इस दिन गंगा स्नान, दीपदान और भगवान शिव-भगवान विष्णु की आराधना विशेष पुण्यदायी मानी जाती है।

देव दीपावली — पूजा व आरती का समय (Puja Time)

पूजा/आरती का मुख्य समय: शाम 05:15 बजे से 07:50 बजे तक — इस दौरान गंगा तट पर दीपदान व आरती सर्वाधिक शुभ मानी जाती है।

देव दीपावली — पूजा विधि (Step-by-step)

  • प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में उठ कर गंगा या किसी पवित्र जलाशय में स्नान करें।
  • घर या मंदिर में भगवान शिव व विष्णु की मूर्ति/चित्र स्थापित करें।
  • गंगाजल से अभिषेक करें, पुष्प, धूप और दीप अर्पित करें।
  • शिव को बिल्वपत्र, विष्णु को तुलसी के पत्ते अर्पित करें।
  • संध्या के समय घर, मंदिर या नदी तट पर दीप जलाकर दीपदान करें।
  • मंत्रजप: “ॐ नमः शिवाय” और “ॐ नमो नारायणाय” का जप करें।
  • अंत में देवताओं से पापनिवारण, समृद्धि व आध्यात्मिक शुद्धि की प्रार्थना करें।

शुभ और अशुभ समय (Muhurat & Rahu-Gulika)

  • अमृत काल: 6 नवम्बर प्रातः 02:23 से 03:47 तक
  • राहुकाल: दोपहर 12:04 बजे से 01:27 बजे तक (कार्य आरम्भ न करें)
  • गुलिकाल: प्रातः 10:42 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक
  • यमगण्ड: प्रातः 07:58 से 09:20 बजे तक

गुरु नानक जयंती भी आज — गुरुद्वारों में विशेष कार्यक्रम

गुरुद्वारों में आज गुरुवाणी का पाठ, लंगर और संगत की सेवाएँ आयोजित होंगी। भक्त समुदाय रात्रि तक कीर्तन और सेवा में भाग ले सकते हैं।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!