Edited By Ramanjot, Updated: 11 Jan, 2026 08:15 PM

रोहतास जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है।
Rohtas Crime News: रोहतास जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध हथियार निर्माण के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। काराकाट थाना क्षेत्र में ग्रील निर्माण की दुकान की आड़ में चल रही मिनी गन फैक्ट्री पर छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और हथियार बनाने के औजार बरामद किए हैं। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गुप्त सूचना पर हुई त्वरित कार्रवाई
10 जनवरी 2026 की शाम पुलिस को सूचना मिली कि काराकाट थाना क्षेत्र के देव मार्कण्डेय (परसर) गांव के पास रामाशंकर शर्मा और उसका भतीजा सोनू कुमार ग्रील निर्माण की दुकान चलाने के बहाने अवैध रूप से देशी कट्टा और पिस्टल का निर्माण, मरम्मत और बिक्री कर रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत छापेमारी की योजना बनाई।
ASP के नेतृत्व में गठित हुई विशेष टीम
सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिक्रमगंज के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसमें काराकाट और कच्छवां थाने की पुलिस के साथ-साथ जिला आसूचना इकाई (DIU) को भी शामिल किया गया।
दुकान से मिले हथियार और औजार
छापेमारी के दौरान ग्रील निर्माण की दुकान से पुलिस ने 2 देशी कट्टा, 1 जिंदा कारतूस,कई अर्ध-निर्मित व क्षतिग्रस्त देशी कट्टे,1 मैगजीन और 1 खोखा,हथियार निर्माण में प्रयुक्त औजार (पेचकश, वायरनियर, लोहे का सीरसा),बैरल बनाने में इस्तेमाल होने वाली लोहे की रॉड और 1 कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया। मौके से रामाशंकर शर्मा और सोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में हुआ बड़े नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ के दौरान रामाशंकर शर्मा ने कबूल किया कि वह लंबे समय से दुकान की आड़ में हथियार बनाने और बेचने का काम कर रहा था। उसने यह भी बताया कि इस अवैध कारोबार में कच्छवां थाना क्षेत्र के दनवार गांव निवासी शशि सिंह उसका सहयोगी है।
बगीचे से बरामद हुए हथियार के पुर्जे
पुलिस ने शशि सिंह की निशानदेही पर दनवार गांव के पास स्थित उसके बगीचे में छापेमारी की। वहां पुआल के नीचे छिपाकर रखे गए हथियार के बैरल बनाने वाली 6 लोहे की रॉड,हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाला स्प्रिंग और एक फायर किया हुआ खोखा बरामद किया गया। इसके बाद शशि सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस कर रही नेटवर्क की गहराई से जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। आगे की जांच जारी है।