Edited By Ramanjot, Updated: 29 Nov, 2025 07:41 AM

लालच और घरेलू कलह ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर दिया। किशनगंज के दिघलबैंक थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब पुलिस ने एक प्राथमिक शिक्षक का सड़ा-गला शव खेत से बरामद किया।
Kishanganj Crime News: लालच और घरेलू कलह ने एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर दिया। किशनगंज के दिघलबैंक थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब पुलिस ने एक प्राथमिक शिक्षक का सड़ा-गला शव खेत से बरामद किया। सबसे दिल दहला देने वाली बात ये है कि हत्या की साजिश रचने वाली कोई और नहीं, बल्कि उनकी अपनी पत्नी और सगे साले थे!
दो महीने से लापता था शिक्षक, पत्नी ने ही कराई थी FIR
मृतक महबूब आलम (40 वर्ष) हल्दावन प्राथमिक विद्यालय में तालिमी मरकज के शिक्षक थे। 21 सितंबर 2025 को वो सुबह घर से निकले और फिर कभी वापस नहीं लौटे। परिजनों ने जब काफी तलाश की तो मृतक के भाई-बहनों के दबाव में पत्नी जोशनारा खातून ने 14 अक्टूबर को दिघलबैंक थाने में गुमशुदगी की FIR दर्ज कराई। लेकिन पुलिस को शुरू से ही पत्नी का रवैया संदिग्ध लगा।
पैसे का लालच बना मौत की वजह
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। महबूब आलम के नाम पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये की जमीन-जायदाद थी। इसी संपत्ति की खरीद-बिक्री को लेकर पत्नी जोशनारा और उसके भाइयों (मृतक के सालों) से लंबे समय से झगड़ा चल रहा था। लालच में आकर पत्नी ने अपने भाइयों के साथ मिलकर हत्या की पूरी साजिश रची। 21 सितंबर को साले और उनके दोस्तों ने कार में ही महबूब की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को मुल्लाबाड़ी गांव के पास एक खेत में गहरे गड्ढे में दफना दिया गया।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, चार गिरफ्तार
दिघलबैंक थानाध्यक्ष विपिन कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने मोबाइल CDR, लास्ट लोकेशन और संदिग्ध नंबरों पर छापेमारी की। दबिश बढ़ते ही आरोपियों के होश उड़ गए और उन्होंने कबूल कर लिया। शुक्रवार को आरोपियों ने खुद पुलिस को खेत तक ले जाकर शव की जगह बताई। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने शव बरामद किया। पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए किशनगंज सदर अस्पताल भेजा गया। डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा। अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। थानाध्यक्ष ने बताया कि हत्या का मकसद संपत्ति हड़पना था। जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर आरोपियों को सजा दिलाई जाएगी।”