Edited By Harman, Updated: 20 Feb, 2026 11:54 AM

बिहार सरकार ने राज्य में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कड़ा रुख अपना लिया है। अब राज्य में बिना विधिवत अनुमति और लाइसेंस के डीजे बजाना अपराध की श्रेणी में आएगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले 15 दिनों के...
पटना : बिहार सरकार ने राज्य में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कड़ा रुख अपना लिया है। अब राज्य में बिना विधिवत अनुमति और लाइसेंस के डीजे बजाना अपराध की श्रेणी में आएगा। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अगले 15 दिनों के भीतर पूरे राज्य में इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
विधान परिषद में उठा डीजे का मुद्दा
बता दें कि मामला गुरुवार को विधान परिषद में निर्दलीय एमएलसी वंशीधर व्रजवासी द्वारा उठाया गया था। उन्होंने कहा कि शादियों और जुलूसों में बजने वाले अत्यंत तेज शोर के कारण बुजुर्गों और हृदय रोगियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया कि कई लोग बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को अवैध रूप से डीजे वाहन में तब्दील कर रहे हैं।
परिवहन मंत्री का बड़ा ऐलान, गाड़ियां होंगी जब्त
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने एमएलसी के सवाल पर सरकार का पक्ष रखते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर पूरे बिहार में बिना अनुमति और बिना लाइसेंस के बज रहे डीजे के खिलाफ अभियान चलेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों और उनकी गाड़ियों को पुलिस सीधे जब्त करेगी। मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि "बाद में यह दलील नहीं चलेगी कि शादी-ब्याह का मौका है," क्योंकि किसी को भी जनता की शांति और सेहत से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जा सकती।
साउंड लिमिट और लाइसेंसिंग अनिवार्य
सरकार अब डीजे संचालकों के लिए साउंड लिमिट को अनिवार्य बना रही है। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर डीजे के उपयोग के लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेना और वैध लाइसेंस होना अनिवार्य होगा। बिना नंबर प्लेट वाली डीजे गाड़ियों को चिन्हित कर उन्हें सड़क से हटाने की भी तैयारी है।