Bihar News: बिहार में 44 लाख से अधिक किसानों का हुआ ई-केवाईसी, 12 लाख से अधिक फार्मर आईडी तैयार

Edited By Swati Sharma, Updated: 10 Jan, 2026 06:39 PM

more than 44 lakh farmers in bihar have completed e kyc

Bihar News: कृषि मंत्री राम कृपाल यादव (Ram Kripal Yadav) ने आज पटना जिला अंतर्गत दानापुर अंचल के हथियाकंद पंचायत में एग्री स्टेक परियोजना के तहत संचालित किसानों की फार्मर रजिस्ट्री एवं ई-केवाईसी प्रक्रिया का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान...

Bihar News: कृषि मंत्री राम कृपाल यादव (Ram Kripal Yadav) ने आज पटना जिला अंतर्गत दानापुर अंचल के हथियाकंद पंचायत में एग्री स्टेक परियोजना के तहत संचालित किसानों की फार्मर रजिस्ट्री एवं ई-केवाईसी प्रक्रिया का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पंजीकरण कार्य की प्रगति, तकनीकी व्यवस्था तथा किसानों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि फार्मर रजिस्ट्री, एग्री स्टैक परियोजना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटक है, जिसका उद्देश्य राज्य में कृषि सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं किसानोन्मुख बनाना है। इसके अंतर्गत प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी तैयार की जा रही है, जिसमें किसान के भूमि संबंधी विवरण को आधार से जोड़ा जा रहा है, ताकि किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।

मंत्री ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य प्रारंभ करने से पूर्व राज्य के पांच जिलों-सारण, गया, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया एवं भागलपुर-के दो-दो राजस्व ग्रामों में पायलट के रूप में किया गया था। इसके पश्चात राज्य के सभी जिलों के कुल 44500 राजस्व गांवों का बकेटिंग कार्य पूर्ण कर अप्रैल माह से फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। शेष गांवों की बकेटिंग के लिए भारत सरकार से अनुरोध किया गया है, जो अब प्राप्त हो गया है। अब तक कृषि विभाग के कर्मियों द्वारा 44 लाख से अधिक किसानों का ई-केवाईसी किया जा चुका है तथा बकेट सत्यापन के उपरांत 12 लाख 34 हजार से अधिक फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी हैं, जिनमें 7 लाख 58 हजार से अधिक पीएम-किसान लाभार्थी शामिल हैं। कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि फार्मर रजिस्ट्री को सफल बनाने हेतु 11 जनवरी 2026 तक चलाए जा रहे विशेष अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और समय पर अपनी फार्मर आईडी बनवाकर सरकारी योजनाओं का निर्बाध लाभ सुनिश्चित करें। फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया में कृषि विभाग के कर्मियों द्वारा किसानों का ई-केवाईसी किया जा रहा है, जबकि राजस्व विभाग के राजस्व कर्मचारी बकेट सत्यापन का कार्य कर रहे हैं। इस समन्वित प्रयास से फार्मर आईडी निर्माण की प्रक्रिया को गति मिली है।

मंत्री ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री का मुख्य उद्देश्य राज्य में संचालित सभी कृषि एवं इससे संबंधित किसान कल्याण योजनाओं को वास्तविक और पात्र किसानों तक सीधे पहुंचाना है। भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ प्राप्त करने वाले सभी किसानों के लिए फार्मर आईडी को अनिवार्य कर दिया गया है। आगामी किस्त का लाभ प्राप्त करने हेतु इन सभी लाभुकों को अनिवार्य रूप से फार्मर रजिस्ट्री कैंप में भाग लेकर फार्मर रजिस्ट्री वेब पोर्टल/ऐप के माध्यम से बायोमेट्रिक अथवा फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा सत्यापन कराते हुए भूमि संबंधी दावा दर्ज करना होगा। उन्होंने बताया कि एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत राज्य के किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने के लिए बिहार भूमि के डाटाबेस को समेकित किया गया है। प्रत्येक राजस्व ग्राम में समान नाम एवं पिता के नाम वाली जमाबंदियों का ऑनलाइन बकेट तैयार कर राज्य को उपलब्ध कराया गया है, जिसके आधार पर राज्य स्तर पर फार्मर रजिस्ट्री का कार्य किया जा रहा है।

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