Edited By Harman, Updated: 25 Feb, 2026 11:01 AM

Bihar News : बिहार विधान परिषद में मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने राज्य में एड्स (HIV) की स्थिति पर चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। सदन में ध्यानाकर्षण सूचना के जवाब में उन्होंने पुष्टि की कि प्रदेश में कुल 1 लाख 44 लोग एचआईवी पॉजिटिव हैं।...
Bihar News : बिहार विधान परिषद में मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने राज्य में एड्स (HIV) की स्थिति पर चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। सदन में ध्यानाकर्षण सूचना के जवाब में उन्होंने पुष्टि की कि प्रदेश में कुल 1 लाख 44 लोग एचआईवी पॉजिटिव हैं। सरकार ने स्वीकार किया कि राज्य के 13 जिले अब 'हाई रिस्क' यानी उच्च जोखिम की श्रेणी में आ गए हैं।
'हाई रिस्क' जोन में पटना-गया सहित ये जिले
स्वास्थ्य मंत्री द्वारा पेश आंकड़ों के अनुसार, शहरीकरण और सघन आबादी वाले जिले संक्रमण की चपेट में अधिक हैं:
पटना: 8,270 मरीज (सर्वाधिक)
गया: 5,760 मरीज
मुजफ्फरपुर: 5,520 मरीज
सीतामढ़ी: 5,026 मरीज
बेगूसराय: 4,716 मरीज
भागलपुर: 3,078 मरीज
निशुल्क जांच और वित्तीय सहायता योजनाएं
सरकार ने सदन को आश्वस्त किया कि इस बीमारी से लड़ने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। राज्य भर में 196 समेकित परामर्श एवं जांच केंद्रों (ICTC) पर निशुल्क जांच और सलाह की सुविधा दी जा रही है। बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना' के तहत प्रत्येक संक्रमित को 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। संक्रमित व्यक्ति के दो आश्रित बच्चों (18 वर्ष से कम) को 1000 रुपये प्रतिमाह की पारिवारिक सहायता दी जा रही है।
स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दिसंबर 2025 तक सरकार 63.81 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों (DBT) में भेज चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य न केवल उपचार देना है, बल्कि सामाजिक जागरूकता बढ़ाकर इस बीमारी के उन्मूलन की दिशा में काम करना है।