Edited By Ramanjot, Updated: 20 Feb, 2026 11:07 PM

सिपाही भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों ने सात अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने लिखित परीक्षा में अपनी जगह दूसरे व्यक्तियों को बैठाकर परीक्षा दिलवाई।
पटना: बिहार सिपाही भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों ने सात अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने लिखित परीक्षा में अपनी जगह दूसरे व्यक्तियों को बैठाकर परीक्षा दिलवाई। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए अभ्यर्थियों में रणबीर कुमार (लखीसराय), राजेश कुमार (सारण-छपरा), आलोक कुमार (अरवल), अमित कुमार (औरंगाबाद), रितेश सिंह (गाजीपुर), रंजन कुमार (जमुई) और गौतम कुमार (लखीसराय) शामिल हैं।
लिखित परीक्षा में सॉल्वर, फिजिकल में खुद पहुंचे
प्राथमिक जांच में सामने आया कि इन अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा के दौरान कथित तौर पर सॉल्वर की मदद ली। लिखित परीक्षा में सफल घोषित होने के बाद ये उम्मीदवार स्वयं शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होने पहुंचे। यहीं से गड़बड़ी का पता चला।
बायोमेट्रिक और फोटो मिलान में पकड़ी गई गड़बड़ी
शारीरिक परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेज, फोटो और बायोमेट्रिक विवरण का मिलान किया गया। जांच में पाया गया कि लिखित परीक्षा के रिकॉर्ड से उनका डेटा मेल नहीं खा रहा था। संदेह गहराने पर अधिकारियों ने कड़ी पूछताछ की, जिसमें कथित धांधली की पुष्टि हुई। इसके बाद सभी सातों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
सॉल्वर गिरोह की तलाश तेज
प्रारंभिक जांच में संगठित सॉल्वर गैंग की भूमिका की आशंका जताई गई है। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में तकनीकी निगरानी को और सख्त किया गया है। लिखित परीक्षा से जुड़े फोटो और बायोमेट्रिक रिकॉर्ड का दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है।
विभाग की सख्त चेतावनी
भर्ती से जुड़े अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालिया खुलासों के बाद जांच की रफ्तार बढ़ा दी गई है और पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने की कोशिश जारी है।