Edited By Ramanjot, Updated: 24 Jan, 2026 08:13 PM
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज समृद्धि यात्रा के क्रम में वैशाली जिले में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का जायजा लिया। जायजा के क्रम में मुख्यमंत्री ने वैशाली जिला अंतर्गत महुआ प्रखंड स्थित वाया नदी योजना स्थल पर वाया नदी में गाद उड़ाही कार्य का स्थलीय...
पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज समृद्धि यात्रा के क्रम में वैशाली जिले में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का जायजा लिया। जायजा के क्रम में मुख्यमंत्री ने वैशाली जिला अंतर्गत महुआ प्रखंड स्थित वाया नदी योजना स्थल पर वाया नदी में गाद उड़ाही कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को वाया नदी के गाद उड़ाही कार्य की प्रगति एवं अद्यतन स्थिति की जानकारी दी। प्रगति यात्रा के दौरान घोषित विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बरैला झील में पानी लाने एवं अधिक जलस्तर होने पर जलनिकासी किए जाने से संबंधित कार्य, मुख्यमंत्री सात निश्चय-3 के तहत वैशाली जिला (जंदाहा, राजापाकड़ एवं महुआ) में नए औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित करने हेतु चिन्हित की गई 1243.45 एकड़ भूमि, बिहार के पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड द्वारा महुआ प्रखंड में स्थापित किए जा रहे ग्रिड उपकेन्द्र सहित अन्य विकासात्मक योजनाओं के प्रगति की विस्तृत जानकारी दी।
ज्ञातव्य है कि वाया नदी पूर्वी चम्पारण जिला के केसरिया प्रखंड अंतर्गत मुंडमाल ग्राम के पास राघवा नदी और मेघुला (सम्होती) नदी के संगम स्थल से निकलती है। यह एक बरसाती नदी है जिसकी कुल लम्बाई 212.80 किलोमीटर है। यह नदी पूर्वी चम्पारण जिला से निकलकर मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर जिला होते हुए बेगूसराय जिला अंतर्गत तेघड़ा प्रखण्ड के चकिया ग्राम के नजदीक गंगा नदी में मिल जाती है। वाया नदी वैशाली जिलान्तर्गत कुल आठ प्रखंडों यथा वैशाली, पटेढ़ी बेलसर, भगवानपुर, गोरौल, महुआ, जंदाहा, सहदेई बुजुर्ग एवं महनार से होकर गुजरती है। वैशाली जिला अन्तर्गत इसकी कुल लम्बाई 93.116 किलोमीटर है। वाया नदी वैशाली जिला के जल निकासी का मुख्य स्रोत है। वैशाली जिला अंतर्गत वाया नदी की तल की सफाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जिससे जलश्राव में बढ़ोतरी, बाढ़ के खतरे में कमी तथा नदी के जलीय प्रवाह प्रदर्शन में सुधार होगा।
बरैला वेटलैंड उत्तर बिहार के वैशाली जिला अंतर्गत बरैला गांव के पास स्थित है। बरैला झील की सीमा आठ गांव से घिरी हुई है। प्रस्तावित कार्य अंतर्गत जंदाहा वितरणी के 6 किलोमीटर बिन्दु से 7.12 किलोमीटर लम्बाई में चैनल का निर्माण कर बरैला झील में जल का संचयन एवं अधिक जलस्तर होने पर आउटलेट के माध्यम से नून नदी में जल की निकासी का प्रावधान है। बरैला वेटलैंड का पारिस्थितिक रूप से बहुत महत्व है। यह स्थानीय समुदायों को इकोसिस्टम सेवाएं यथा बाढ़ नियंत्रण, भू-जल रिचार्ज, मछली पालन आदि की सुलभता के साथ-साथ सौंदर्य संबंधी मूल्य भी प्रदान करता है। बिहार सरकार द्वारा बरैला झील को सलीम अली जुब्बा सहनी पक्षी अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया है। बरैला वेटलैंड को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है क्योंकि यह प्रवासी जल पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय स्थल है। यह संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण मछली, उभयचर, सरीसृप, पक्षियों और स्तनधारियों की कई प्रजातियों को आश्रय स्थल प्रदान करता है।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, महुआ का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी वार्ड, ओ०पी०डी० रजिस्ट्रेशन, आई०सी०यू०, मरीज वार्ड, दवा वितरण केंद्र आदि में मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली चिकित्सकीय सेवाओं एवं सुविधाओं की जानकारी ली। बाल हृदय योजना से लाभान्वित बच्चों ने मुख्यमंत्री का अभिवादन करते हुए उनके प्रति आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना से लाभान्वित बच्चियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि आपके द्वारा शुरू की गई इस योजना से हम सभी को कैंसर से मुक्ति मिली है। इसके लिए हम सभी आपके आभारी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काफी अच्छे ढंग से चिकित्सा व्यवस्था यहां सुनिश्चित की गई है, इसका फायदा स्थानीय लोगों को मिलेगा। यहां इलाज कराने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो, इसका विशेष रूप से ख्याल रखें। राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, महुआ के प्रागंण में स्थानीय स्टार्टअप एवं इनोवेशन से संबंधित लगाए गए स्टॉल का भी मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 5314 स्वयं सहायता समूह को 1 अरब 1 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया। जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि हम सभी महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। आपने महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी नौकरियों, पंचायती राज संस्थाओं तथा नगर निकाय के चुनाव में आरक्षण देने सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। हम सभी इसके लिए आपके आभारी हैं।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पानापुर बाबा बटेश्वरनाथ धाम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर वैशाली जिले के लिए 54 करोड़ रुपये की 25 योजनाओं का शिलान्यास एवं 98 करोड़ रुपये की 103 योजनाओं का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने पानापुर बाबा बटेश्वरनाथ धाम में पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ भेंटकर अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ० चन्द्रशेखर सिंह, तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह, तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक चंदन कुशवाहा, जिलाधिकारी वर्षा सिंह, पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहाग सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय लोग उपस्थित थे।