Edited By Ramanjot, Updated: 16 Jan, 2026 06:30 PM

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा-2026 के तहत शुक्रवार को पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित रमना मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिले को बड़ी विकास सौगात दी।
Samriddhi Yatra 2026: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा-2026 के तहत शुक्रवार को पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित रमना मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिले को बड़ी विकास सौगात दी। मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से कुल 133.15 करोड़ रुपये की 123 योजनाओं का शिलान्यास और 23.88 करोड़ रुपये की 35 योजनाओं का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा में घोषित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्वीकृत योजनाओं को तय समयसीमा में पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
किसान मेला और कृषि यंत्र प्रदर्शनी का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद किसान मेला सह कृषि यंत्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक कृषि यंत्रों और नई तकनीकों की जानकारी ली और किसानों से संवाद किया।
विकास योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को सख्त निर्देश
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण जिले में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी तरणजोत सिंह ने प्रगति यात्रा, सात निश्चय-2 और सात निश्चय-3 से जुड़ी योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति यात्रा के तहत स्वीकृत योजनाओं को तेजी से लागू किया जाए। सात निश्चय-2 की योजनाओं को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने और सात निश्चय-3 के तहत तय कार्यक्रमों पर तत्काल कार्य शुरू करने का निर्देश दिया।
“Ease of Living” पर सरकार का बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद सात निश्चय-3 को राज्य को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के उद्देश्य से लागू किया गया है। उन्होंने बताया कि सात निश्चय-3 का सातवां संकल्प “सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)” आम नागरिकों की दैनिक समस्याओं को कम करने पर केंद्रित है।
हफ्ते में दो दिन जनता से सीधे मिलेंगे अधिकारी
मुख्यमंत्री ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि 19 जनवरी 2026 से हर सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक सभी सरकारी कार्यालयों में संबंधित पदाधिकारी अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इन दिनों आम लोग सीधे अधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को लोगों से सम्मानपूर्वक व्यवहार करना होगा, बैठने, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। शिकायतों का रजिस्टर संधारित किया जाएगा और उनके त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने अधिकारियों से पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं को लागू करने की अपील की।

कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के पदाधिकारी मौजूद रहे।