Edited By Ramanjot, Updated: 26 Jan, 2026 04:56 PM

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य को लेकर दो ज्योतिषियों की विपरीत भविष्यवाणियों ने चर्चा तेज कर दी है। ज्योतिषी मनीष अग्रवाल ने दावा किया है कि 2036 के बाद राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के प्रबल योग हैं।
Rahul Gandhi : कांग्रेस नेता राहुल गांधी के राजनीतिक भविष्य को लेकर दो प्रमुख ज्योतिषाचार्यों ने अलग-अलग भविष्यवाणियां की हैं, जिसने राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में चर्चा को तेज कर दिया है। जहां एक ज्योतिषाचार्य ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री (Rahul Gandhi PM) बनने का प्रबल दावा किया है, वहीं दूसरे ने इस संभावना को पूरी तरह नकार दिया है।
"राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने के पूरे योग"
ज्योतिषाचार्य मनीष अग्रवाल ने राहुल गांधी की कुंडली का हवाला देते हुए दावा किया है कि उनके प्रधानमंत्री बनने के पूरे योग मौजूद हैं। मनीष अग्रवाल के अनुसार, राहुल गांधी का सर्वश्रेष्ठ राजनीतिक समय अभी नहीं आया है, लेकिन वर्ष 2036 के बाद उनके सितारे सबसे अधिक प्रभावी होंगे। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि राहुल गांधी 2036 में ही प्रधानमंत्री बन जाएं, लेकिन उसके बाद उनके लिए राजनीतिक रास्ते खुलेंगे और आगामी चुनावों में उनकी संभावनाएं मजबूत होंगी। मनीष अग्रवाल ने यह भी दावा किया कि आने वाले वर्षों में अमित शाह का प्रभाव धीरे-धीरे कम होगा, जिससे राहुल गांधी के लिए अवसर बढ़ेंगे।
इस ज्योतिषाचार्य ने जताई असहमति
दूसरी ओर, ज्योतिषाचार्य सुशील कुमार सिंह ने इस दावे से असहमति जताई है। उनके अनुसार, राहुल गांधी की कुंडली मजबूत जरूर है, लेकिन उसमें प्रधानमंत्री बनने का योग नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सत्ता बनाने और गिराने में अहम भूमिका निभा सकते हैं और एक प्रभावशाली राजनीतिक नेता के रूप में सक्रिय रहेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री पद तक नहीं पहुंच पाएंगे। सुशील कुमार सिंह ने यह भी दावा किया कि न केवल राहुल गांधी, बल्कि उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के भी प्रधानमंत्री बनने के योग नहीं हैं। उनका कहना है कि भविष्य में गांधी परिवार का कोई भी सदस्य प्रधानमंत्री पद तक नहीं पहुंचेगा।
गौरतलब है कि यह पूरी खबर ज्योतिषीय आकलन पर आधारित है। किसी भी राजनीतिक भविष्यवाणी की पुष्टि वास्तविक चुनावी परिणामों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ही होती है।
(यह रिपोर्ट ज्योतिषियों के दावों पर आधारित है। पंजाब केसरी इन दावों की पुष्टि या समर्थन नहीं करता।)