Edited By Swati Sharma, Updated: 18 Jan, 2026 07:04 PM

Bihar News: आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को साकार करने की दिशा में सात निश्चय–3 के अंतर्गत आज विकास भवन स्थित डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार के सभागार में डेयरी एवं मत्स्य पालन क्षेत्रों के सुदृढ़ीकरण एवं विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा...
Bihar News: आत्मनिर्भर बिहार के संकल्प को साकार करने की दिशा में सात निश्चय–3 के अंतर्गत आज विकास भवन स्थित डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, बिहार के सभागार में डेयरी एवं मत्स्य पालन क्षेत्रों के सुदृढ़ीकरण एवं विकास को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता माननीय मंत्री सुरेन्द्र मेहता ने की। इस अवसर पर विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने विभागीय योजनाओं पर विषयवार विस्तृत प्रस्तुति दी।
आत्मनिर्भर बिहार के लक्ष्य को साकार करने हेतु सात निश्चय–3 के अंतर्गत डेयरी एवं मत्स्य पालन क्षेत्र के समग्र और सतत विकास को लेकर प्रस्तावित योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान “हर गांव डीसीएस, हर पंचायत सुधा बिक्री केन्द्र” की परिकल्पना को सशक्त रूप से लागू करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादन समिति (DCS) का गठन करने तथा प्रत्येक पंचायत में एक सुधा दूध बिक्री केन्द्र की स्थापना सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, जिससे दुग्ध उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर सशक्त बाजार सुविधा उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही दूध की होम डिलीवरी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उसकी अवधारणा एवं संरचना पर विस्तृत चर्चा की गई। उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादों की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक कार्ट के माध्यम से होम डिलीवरी की योजना को भी आगे बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया।
डेयरी क्षेत्र में नस्ल सुधार कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने, आधुनिक तकनीक, नवाचार एवं संवेदनशील प्रशासन के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि तथा राज्य के नागरिकों के जीवन को और अधिक आसान बनाने पर जोर दिया गया। मत्स्य पालन क्षेत्र में मत्स्य किसान उत्पादक संघ (FFPO) के गठन को गति देने, उन्नत एवं उच्च मानक के मत्स्य प्रजातियों के चिन्हीकरण तथा मत्स्य पालकों को गुणवत्तापूर्ण मत्स्य बीज की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त उपभोक्ताओं को ताज़ी एवं गुणवत्तापूर्ण मछली उपलब्ध कराने के लिए “ फ्रेश कैच ” नाम से फिश आउटलेट्स खोलने तथा मत्स्य पालकों को तकनीकी परामर्श और त्वरित समाधान उपलब्ध कराने हेतु मत्स्य चिकित्सक एवं मत्स्य टेलीमेडिसिन सेवाओं की शुरुआत के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।