शिक्षा मंत्री के बाद शिवानंद ने "रामचरितमानस" पर दिया विवादित बयान, बोले- रामायण में बहुत सारा कूड़ा करकट

Edited By Swati Sharma, Updated: 13 Jan, 2023 04:47 PM

shivanand gave controversial statement on ramcharitmanas

शिवानंद तिवारी ने महान समाजवादी नेता डा. राम मनोहर लोहिया के हवाले से कहा कि रामायण में कूड़ा करकट भी है और हीरा मोती भी। कूड़ा करकट बुहारने के चक्कर में हीरा मोती को नहीं बुहार देना चाहिए और हीरा मोती खाने के चक्कर में कूड़ा करकट नहीं खा लेना चाहिए।

पटनाः बिहार के शिक्षा मंत्री डॉ. चन्द्रशेखर के द्वारा रामचरितमानस ग्रंथ को लेकर दिए हुए विवादित बयान के बाद सियासत गरमा गई है। वहीं अब राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने भी रामायण पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि रामायण में बहुत सारा कूड़ा करकट भी है और हीरा मोती भी।

शिवानंद तिवारी ने महान समाजवादी नेता डा. राम मनोहर लोहिया के हवाले से कहा कि रामायण में कूड़ा करकट भी है और हीरा मोती भी। कूड़ा करकट बुहारने के चक्कर में हीरा मोती को नहीं बुहार देना चाहिए और हीरा मोती खाने के चक्कर में कूड़ा करकट नहीं खा लेना चाहिए। साथ ही कहा कि इस पर एक मीटिंग तय होनी चाहिए और उस मीटिंग में तेजस्वी जी भी रहें। इस मीटिंग में तय होना चाहिए कि पार्टी की क्या राय है। उन्होंने कहा कि समाजवादी आंदोलन के जनक डॉ राम मनोहर लोहिया ने राम और रामायण मेले के आयोजन को लेकर सर्वाधिक लेख लिखे हैं। डॉक्टर लोहिया सभी भाषाओं में उपलब्ध रामायण के प्रशंसक हैं।

"रामचरितमानस नफरत फैलाने वाला ग्रंथ"
बता दें कि शिक्षा मंत्री ने मनु स्मृति और रामचरितमानस को समाज में नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया है। उन्होंने कहा कि रामचरितमानस समाज में दलितों और वंचित महिलाओं को पढ़ने से रोकता है। भारत सशक्त और समृद्ध मोहब्बत से बनेगा, नफरत से नहीं। देश में जितनी जातियां हैं, उतनी ही नफरत की दीवार है। जब तक रामचरितमानस समाज में मौजूद रहेगी, भारत विश्व गुरु नहीं बन सकता है।

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