बच्चों के मानसिक विकास एवं तार्किक क्षमता बढ़ाने में शतरंज की भूमिका महत्वपूर्णः फागू चौहान

Edited By Ramanjot, Updated: 07 Jul, 2022 04:21 PM

statement of fagu chauhan

फागू चौहान ने बुधवार को शतरंज ओलम्पियाड की मशाल के पटना आने के अवसर पर यहां ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि बच्चों को मानसिक रूप से विकसित करने, उनकी तार्किक क्षमता बढ़ाने, योजना बनाने तथा बेहतर ढंग से सोचने एवं कार्य करने की क्षमता का...

पटनाः बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने कहा कि बच्चों को मानसिक रूप से विकसित करने, उनकी तार्किक क्षमता बढ़ाने, योजना बनाने तथा बेहतर ढंग से सोचने एवं कार्य करने की क्षमता का विकास करने में शतरंज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

फागू चौहान ने बुधवार को शतरंज ओलम्पियाड की मशाल के पटना आने के अवसर पर यहां ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि बच्चों को मानसिक रूप से विकसित करने, उनकी तार्किक क्षमता बढ़ाने, योजना बनाने तथा बेहतर ढंग से सोचने एवं कार्य करने की क्षमता का विकास करने में शतरंज महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। उन्होंने कहा कि शतरंज की शुरुआत भारत में आज से हजारों वर्ष पूर्व हुई थी। ऐसा माना जाता है कि महाभारत काल में इसका प्रादुर्भाव हुआ है। शतरंज को एक रणनीतिक एवं युद्ध कौशल का खेल होने के कारण हमेशा से उच्च दर्जे का खेल माना जाता है।

राज्यपाल ने कहा कि देश की आजादी के 75वें वर्ष में अमृत महोत्सव के अवसर पर भारत में विश्व शतरंज ओलम्पियाड का पहली बार आयोजन किया जा रहा है। विश्व शतरंज महासंघ द्वारा 44वीं शतरंज ओलम्पियाड का आयोजन तमिलनाडु के चेन्नई में 28 जुलाई से 10 अगस्त, 2022 तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस उपलक्ष्य में ग्रैंड मास्टर प्रवीण थिप्से की अगुवाई में शतरंज ओलम्पियाड की मशाल देश के 75 शहरों में जाने के क्रम में पटना आई है।

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