पटना-पांडु जलमार्ग से बिहार की वाणिज्यिक गतिविधियों को मिलेगी नई ताकतः तारकिशोर प्रसाद

Edited By Ramanjot, Updated: 06 Feb, 2022 12:04 PM

statement of tarkishore prasad

तारकिशोर प्रसाद ने शनिवार को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के तत्वावधान में गायघाट टर्मिनल पर आयोजित पटना से पांडु तक जहाज पर अनाज की पायलट रूप से आवाजाही के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पटना के गायघाट से जल परिवहन के इतिहास...

पटनाः बिहार के उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि पटना से पांडु (गुवाहाटी) तक जलमार्ग संपर्कता स्थापित होने से बिहार की वाणिज्यिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई ताकत मिलेगी।

तारकिशोर प्रसाद ने शनिवार को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के तत्वावधान में गायघाट टर्मिनल पर आयोजित पटना से पांडु तक जहाज पर अनाज की पायलट रूप से आवाजाही के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पटना के गायघाट से जल परिवहन के इतिहास में आज एक नई स्वर्णिम कड़ी जुड़ गई है। पटना से पांडु तक जलमार्ग संपकर्ता स्थापित होने से बिहार की वाणिज्यिक एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई ताकत मिलेगी। नदी परिवहन और जल मार्ग से यात्रा हमारे देश की प्राचीन परंपरा रही है। बिहार में सालों भर पानी रहने वाली नदियों की भरमार है। जल संपदा हमारी विरासत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को धरातल पर उतारने के लिए भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण जलमार्गों के विकास की दिशा में बेहतर काम कर रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में देश के बुनियादी ढांचे को सुद्दढ़ करने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए गए हैं। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के माध्यम से सात इंजन के द्वारा आधारभूत संरचनाओं के सुद्दढ़ीकरण की दिशा में अनूठी पहल की जा रही है, जिसमें रोडवेज, रेलवेज, एयरवेज, सूचना प्रौद्योगिकी, सामाजिक अधिसंरचना के साथ जलमार्ग भी शामिल है। जलमार्ग द्वारा माल ढुलाई रेलवे और सड़क मार्ग की अपेक्षा सस्ती होती है एवं पर्यावरण की द्दष्टि से भी अनुकूल है। इस नवीनतम अंतर्देशीय जल परिवहन आवाजाही का उद्देश्य कच्चे माल और तैयार माल के परिवहन के लिये एक वैकल्पिक मार्ग खोलने के द्वारा उत्तर पूर्व क्षेत्र के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।

तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि पटना से पांडू तक इस अंतर्देशीय जल परिवहन मार्ग पर आवाजाही से इन विविध जलमार्गों का उपयोग करके आईडब्ल्यूटी मोड की तकनीकी और वाणिज्यिक व्यवहार्यता स्थापित होगी। उन्होंने कहा कि जहाजरानी मंत्रालय की ओर से जलमार्गों के विकास के लिए उठाए जा रहे कदम से बिहार की अर्थव्यवस्था एवं व्यापारिक गतिविधियों को नई ताकत मिलेगी और रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

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