Edited By Harman, Updated: 10 Jan, 2026 02:25 PM

Bihar News:आम जनता को उनकी समस्याओं के ससमय निष्पादन के लिये पटना के जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक सप्ताह के दो कार्य दिवस, सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर...
Bihar News:आम जनता को उनकी समस्याओं के ससमय निष्पादन के लिये पटना के जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रत्येक सप्ताह के दो कार्य दिवस, सोमवार और शुक्रवार को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में आम लोग अपनी शिकायतों के निष्पादन के लिये सीधे संबंधित पदाधिकारी से मिल सकेंगे।
अब हर सोमवार-शुक्रवार को अधिकारियों से मिल सकेंगे लोग
जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित दोनों दिनों में सभी पदाधिकारी अपने- अपने कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे और लोगों से सम्मानपूर्वक मिलते हुये उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। यदि किसी अपरिहार्य कारण से पदाधिकारी उपस्थित नहीं रहते हैं तो उनके स्थान पर अधिकृत अधिकारी लोगों से मिलेंगे। वहीं, एक से अधिक कार्यालयों का प्रभार संभालने वाले अधिकारी सोमवार और शुक्रवार को समय निर्धारित कर सभी कार्यालयों में उपस्थित होकर जनता से मुलाकात करेंगे।
19 जनवरी से नई व्यवस्था होगी लागू
जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों के लिये बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधायें उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये गये हैं। साथ ही प्राप्त शिकायतों के लिये पंजी संधारण और उनकी प्रगति की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। वरीय और नियंत्री पदाधिकारियों को अपने अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा इन निर्देशों के पालन की निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा है कि यह व्यवस्था 19 जनवरी से लागू होगी।
जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन ने बताया कि यह पहल बिहार सरकार के सात निश्चय-3 के अंतर्गत‘सबका सम्मान- जीवन आसान'अभियान के उद्देश्य (Ease of Living) को साकार करने की दिशा में है। अक्सर देखा जाता है कि लोग जब अपनी समस्याओं को लेकर सरकारी कार्यालय पहुंचते हैं तो अधिकारी अनुपस्थित रहते हैं, जिससे उन्हें परेशानी होती है। इस समस्या को दूर करने के लिये राज्य सरकार के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है।