Edited By Ramanjot, Updated: 13 Jul, 2021 10:45 AM

न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की खंडपीठ ने सोमवार को उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील की सुनवाई पर सहमति जताई। गौरतलब है कि बिहार के जहानाबाद जिले के सेनारी गांव में माओवादी संगठनों ने इस घटना में 34 लोगों की हत्या कर दी थी।
नई दिल्ली/पटनाः बिहार के दो दशक पुराने सेनारी नरसंहार कांड में 14 लोगों को बरी करने के पटना हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं।
न्यायमूर्ति अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की खंडपीठ ने सोमवार को उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील की सुनवाई पर सहमति जताई। गौरतलब है कि बिहार के जहानाबाद जिले के सेनारी गांव में माओवादी संगठनों ने इस घटना में 34 लोगों की हत्या कर दी थी।
निचली अदालत ने दोषियों को विभिन्न अवधि की कैद की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। जहां से उन्हें बरी कर दिया गया था। इस नरसंहार में सवर्ण जाति के 34 व्यक्तियों की 19 मार्च 1999 को प्रतिबंधित माओवादी कम्युनिस्ट सेन्टर के सदस्यो ने एक गांव में हत्या कर दी थी।