Edited By Khushi, Updated: 07 Jul, 2023 03:14 PM

झारखंड में दुमका जिले में अवस्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बासुकीनाथ धाम में राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के तीसरे दिन बीते गुरुवार को बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में कांवरियों की भीड़ लगी रही और लगभग 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
Dumka: झारखंड में दुमका जिले में अवस्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बासुकीनाथ धाम में राजकीय श्रावणी मेला महोत्सव के तीसरे दिन बीते गुरुवार को बाबा फौजदारीनाथ के दरबार में कांवरियों की भीड़ लगी रही और लगभग 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
पिछले 3 दिनों में 1 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं जलाभिषेक
जानकारी के मुताबिक 4 जुलाई से श्रावणी मेला में पिछले 3 दिनों के दौरान करीब 1 लाख गुरुआ वस्त्र धारी शिव भक्त फौजदारी बाबा के दरबार में जलाभिषेक कर चुके हैं। गुरुवार की संध्या झारखंड की नव मनोनीत उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री बेबी देवी ने पूरे परिवार के साथ फौजदारी बाबा बासुकीनाथ धाम में जलाभिषेक किया और पूजा- अर्चना कर राज्य के सुख- समृद्धि की मंगल कामना की। गुरुवार को अहले सुबह 3 बजे भोर से ही मंदिर प्रांगण शिवगंगा घाट सहित पूरा मेला परिसर गेरुआ वस्त्र धारी कांवर यात्रियों के रंग से पटा रहा। फौजदारी बाबा बासुकीनाथ धाम में बोल बम, हर महादेव के नारों से गुंजायमान होता रहा। बासुकीनाथ मेला प्रबंधन समिति से मिली जानकारी के अनुसार, सरकारी पूजा के बाद अहले सुबह करीब 3.40 बजे से श्रद्धालुओं ने बाबा फौजदारी नाथ पर जलार्पण प्रारंभ किया। अहले सुबह से ही श्रद्धालु शिवगंगा में स्नान कर कतारबद्ध हो रहे थे। हर-हर महादेव के नारों के साथ श्रद्धालु अपने आराध्य को जल अर्पण करने के लिए मंदिर गर्भगृह की और लगातार बढ़ रहे थे। मंदिर परिसर बाबा के जयकारों से गुंजायमान रहा। महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा पर जल अर्पण किया। कांवर यात्रियों की श्रद्धा भक्ति व आस्था देखते ही बन रही थी।
"उपायुक्त ने मंदिर के सिंह द्वार पर बने मेडिकल कैम्प का भी किया निरीक्षण"
दुमका के अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार और कार्यपालक दंडाधिकारी चन्द्र जीत सिंह के नेतृत्व में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी पूरे रूट लाइन पर सुबह से ही अपने कर्तव्य स्थल पर तैनात थे। मंदिर प्रांगण में प्रतिनियुक्त अधिकारियों ने कांवरियों की कतार को सुचारू रूप से गर्भगृह में प्रवेश कराया और सुगमता पूर्वक जलाभिषेक कराया। दुमका के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने भी मंदिर परिसर एवं रूट लाइन का निरीक्षण करने के साथ विभिन्न स्थानों पर प्रतिनियुक्त अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु एक जगह पर एकत्रित नहीं हों। इसका विशेष ध्यान रखा जाए। प्रतिनियुक्त सुरक्षा बल एवं दंडाधिकारी इसे सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि सभी प्रतिनियुक्त अधिकारी अपने कर्तव्य स्थल पर पूरे समयावधि तक उपस्थित रहें एवं अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। अपने सहयोगी के आने के बाद ही अपने कर्तव्य स्थल को छोड़ें। वहीं, उपायुक्त ने मंदिर के सिंह द्वार पर बने मेडिकल कैम्प का भी निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सा कर्मियों को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक दवा हमेशा उपलब्ध रहे। श्रद्धालुओं के लिए व्हील चेयर भी रखी जाएं ताकि अधिक स्वास्थ्य बिगड़ जाने पर श्रद्धालु को मेडिकल कैम्प तक लाने में आसानी हो।