Edited By Khushi, Updated: 04 Feb, 2026 10:39 AM

Ranchi News: झारखंड के खाद्य एवं आपूर्ति और आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी धान क्रय और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा दिए जा रहे बयान तथ्यहीन, भ्रामक और राजनीतिक हताशा का परिणाम हैं।
Ranchi News: झारखंड के खाद्य एवं आपूर्ति और आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी धान क्रय और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी द्वारा दिए जा रहे बयान तथ्यहीन, भ्रामक और राजनीतिक हताशा का परिणाम हैं।
"केंद्र सरकार ने एमएसपी मद में झारखंड को पैसा देना बंद कर दिया"
डॉ. अंसारी ने कहा कि विभागीय मंत्री होने के नाते धान क्रय का लक्ष्य मैंने स्वयं तय किया है, फिर बाबूलाल मरांडी को इतनी बेचैनी क्यों हो रही है, यह उनकी राजनीति की दिशा पर सवाल खड़ा करता है। पिछले वर्ष भी जुलाई महीने तक धान क्रय की प्रक्रिया चली थी और इस वर्ष भी अभी पर्याप्त समय है। राज्य सरकार पूरी गंभीरता के साथ तय लक्ष्य तक पहुंचेगी। झारखंड के कई जिलों में धान क्रय की स्थिति संतोषजनक है। गढ़वा जिले में भी धान क्रय बेहतर रहा है, जहां बाबूलाल मरांडी की बहू स्वयं डीएसओ के पद पर कार्यरत हैं। यदि उन्हें संदेह है तो वे वहीं से सच्चाई जान सकते हैं। डॉ. अंसारी ने कहा कि एमएसपी के मुद्दे पर सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार ने एमएसपी मद में झारखंड को पैसा देना बंद कर दिया है। इसके बावजूद झारखंड सरकार अपने स्तर से किसानों के हित में निरंतर काम कर रही है। जब तक राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, झारखंड का किसान सुरक्षित और संतुष्ट है।
"यह राज्य सिर्फ सरकार का नहीं, बाबूलाल मरांडी का भी है"
डॉ. अंसारी ने कहा कि यदि बाबूलाल मरांडी को झारखंड और किसानों से जरा भी मोह है, तो उन्हें दिल्ली जाकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से झारखंड के किसानों का हक मांगना चाहिए। हिम्मत है तो भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दिखाएं। यह राज्य सिर्फ सरकार का नहीं, बाबूलाल मरांडी का भी है। किसानों के हक की लड़ाई राजनीति से ऊपर उठकर लड़ी जानी चाहिए। मैं किसान का बेटा हूं और किसान, खेत व फसल की रक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध हूं।