Edited By Khushi, Updated: 21 Jan, 2026 01:25 PM

Ranchi News: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के पास व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के फॉरवर्ड मैसेज से कहीं अधिक ज्ञान है। इसलिए उनसे यह अपेक्षा भी है कि वे यह समझें कि...
Ranchi News: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के पास व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के फॉरवर्ड मैसेज से कहीं अधिक ज्ञान है। इसलिए उनसे यह अपेक्षा भी है कि वे यह समझें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विदेश यात्रा और वहां होने वाली सभी बैठकें उच्चतम स्तर पर स्वीकृत हैं।
"बाबूलाल मरांडी गंभीरता से यह समझने का प्रयास करें कि..."
विनोद कुमार पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री ऑक्सफोर्ड केवल किसी एक औपचारिक मुलाकात के लिए नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित कार्यक्रमों व संवादों के लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री पूरी तैयारी और स्पष्ट उद्देश्य के साथ इस यात्रा पर हैं। वे सभी दृष्टिकोणों को सम्मान देने, सभी की बात सुनने और समझने की लोकतांत्रिक भावना के साथ भारत और झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह वही भारत की भावना है जो समावेशी, सहयोगी और मिलनसार है और जिस पर पूरे देश को गर्व है। पाण्डेय ने कहा कि झामुमो बाबूलाल और भाजपा को यह भी सलाह देती है कि वे गंभीरता से यह समझने का प्रयास करें कि कोई राज्य सिर्फ छह हफ्तों की तैयारी में दावोस कैसे पहुंचता है और फिर भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते के तुरंत बाद यूके पहुंचने वाला पहला राज्य कैसे बनता है। यह उपलब्धि बयानबाजी से नहीं, बल्कि दूरदर्शी नेतृत्व और सक्षम शासन से हासिल होती है। इसलिए ट्रोल की तरह व्यवहार करने के बजाय नेता प्रतिपक्ष को चाहिए कि वे माननीय मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के दावोस और यूके-दोनों मोर्चों पर किए गए प्रयासों से कुछ सीखें।
"हम बाबूलाल को मित्रवत सलाह देते हैं कि वे थोड़ा ब्रेक लें"
पाण्डेय ने कहा कि यह झारखंड के लिए गर्व की बात है कि मुख्यमंत्री को ऑल सोल्स कॉलेज और सेंट जॉन कॉलेज में आधिकारिक मान्यता मिली-वही सेंट जॉन कॉलेज जहां मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने शिक्षा प्राप्त की थी और उन्होंने ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में व्याख्यान दिया, जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गवर्नेंस संस्थानों में से एक है। पाण्डेय ने कहा कि हम बाबूलाल को मित्रवत सलाह देते हैं कि वे थोड़ा ब्रेक लें और आरोप लगाने से पहले मुख्यमंत्री की दावोस और यूके यात्रा के उद्देश्य, उपलब्धियों और महत्व को समझने की कोशिश करें। जलन और नकारात्मक राजनीति छोड़िए और ग्लोबल मंच पर झारखंड के गर्वपूर्ण प्रतिनिधित्व के बारे में सोचिए-यही एक जिम्मेदार विपक्ष की पहचान होती है।