Edited By Khushi, Updated: 06 Mar, 2026 03:04 PM

Jharkhand News: जैसे शरीर को स्वस्थ रखना जरूरी है, वैसे ही दांतों और मसूड़ों की सफाई और देखभाल भी बेहद जरूरी होती है। खासकर मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों में दांतों और मसूड़ों की समस्या जल्दी बढ़ सकती है। इसलिए उन्हें मुंह की स्वच्छता पर विशेष ध्यान...
Jharkhand News: जैसे शरीर को स्वस्थ रखना जरूरी है, वैसे ही दांतों और मसूड़ों की सफाई और देखभाल भी बेहद जरूरी होती है। खासकर मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों में दांतों और मसूड़ों की समस्या जल्दी बढ़ सकती है। इसलिए उन्हें मुंह की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
"मधुमेह बीमारी दांतों और मसूड़ों को भी नुकसान पहुंचाती है"
मधुमेह का असर केवल किडनी, हृदय और आंखों पर ही नहीं पड़ता, बल्कि यह दांतों और मसूड़ों को भी प्रभावित करता है। दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना गुप्ता के अनुसार मधुमेह तेजी से बढ़ने वाली बीमारी है, जो शरीर के कई अंगों के साथ दांतों और मसूड़ों को भी नुकसान पहुंचाती है। डॉक्टरों का कहना है कि मधुमेह के मरीजों में मसूड़ों की बीमारी, जिसे पेरियोडोंटल रोग कहा जाता है, होने का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में तीन से पांच गुना ज्यादा होता है।
लार कम होने पर बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं
जब ब्लड शुगर का स्तर अधिक रहता है तो मसूड़ों में संक्रमण, सूजन और खून आने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। इससे दांत कमजोर होकर गिर भी सकते हैं। इसलिए मसूड़ों का स्वास्थ्य सीधे तौर पर ब्लड शुगर के नियंत्रण से जुड़ा हुआ है। डॉ. वंदना बताती हैं कि मधुमेह के कारण शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। इस वजह से मसूड़ों में होने वाला संक्रमण जल्दी ठीक नहीं हो पाता और धीरे-धीरे सड़न शुरू हो जाती है।
इसके अलावा मधुमेह के कारण रक्त वाहिकाएं मोटी हो जाती हैं, जिससे मसूड़ों तक पर्याप्त पोषक तत्व नहीं पहुंच पाते और वे कमजोर होने लगते हैं। मधुमेह के मरीजों को अक्सर ज्यादा प्यास लगती है, जिससे मुंह सूखने लगता है। लार कम होने पर बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं और मसूड़ों की बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।
इन बातों का रखें ध्यान:
- ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित रखना सबसे जरूरी है।
- दिन में कम से कम दो बार ब्रश करें और मुलायम ब्रिसल वाले टूथब्रश का इस्तेमाल करें।
- रोजाना एक बार दांतों के बीच फंसी गंदगी साफ करें।
- मधुमेह के मरीज हर तीन महीने में एक बार डेंटिस्ट से जांच जरूर कराएं।
- धूम्रपान करने वाले मधुमेह के मरीजों में मसूड़ों की समस्या ज्यादा बढ़ सकती है, इसलिए इससे बचें।