Edited By Khushi, Updated: 26 Feb, 2026 02:40 PM

Jharkhand Plane Crash: झारखंड के चतरा जिले में रेडबर्ड एयरवेज का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद पता चला कि इस विमान में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR), यानी वह ब्लैक बॉक्स मौजूद नहीं था, जो किसी भी विमान दुर्घटना...
Jharkhand Plane Crash: झारखंड के चतरा जिले में रेडबर्ड एयरवेज का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद पता चला कि इस विमान में कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR), यानी वह ब्लैक बॉक्स मौजूद नहीं था, जो किसी भी विमान दुर्घटना की जांच में सबसे अहम सबूत माना जाता है।
क्यों नहीं था ब्लैक बॉक्स?
रेडबर्ड का हादसे में फंसा विमान Beechcraft C90 (ट्विन टर्बोप्रॉप), रजिस्ट्रेशन VT-AJV, था। इस विमान का अधिकतम टेक-ऑफ वजन 4583 किलोग्राम था और इसे 1987 में एयरवर्थनेस सर्टिफिकेट मिला था।
कानून के मुताबिक:
- 5700 किलोग्राम से ज्यादा वजन वाले विमानों में CVR अनिवार्य है।
- 5700 किलोग्राम या उससे कम वजन वाले मल्टी-इंजन टर्बाइन विमानों में FDR तब अनिवार्य है, जब उनका सर्टिफिकेट 1 जनवरी 1990 के बाद जारी हुआ हो।
- इसलिए, इस विमान में ब्लैक बॉक्स का होना उस समय नियमों के तहत जरूरी नहीं था।
पायलट ने खराब मौसम के कारण रूट बदलने की मांगी थी अनुमति
विमान शाम करीब 7:11 बजे रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भर रहा था। टेक-ऑफ के 23 मिनट बाद इसका एटीसी से संपर्क टूट गया और रडार पर सिग्नल गायब हो गया। पायलट ने खराब मौसम के कारण रूट बदलने की अनुमति भी मांगी थी। हादसा झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया के पास जंगल में हुआ। ब्लैक बॉक्स नहीं होने के कारण एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।