Edited By Khushi, Updated: 19 Mar, 2026 02:34 PM

Jharkhand News: आज से पूरे देश में नवरात्र उत्सव शुरू हो रहा है। साल में दो बार नवरात्र आते हैं, चैत्र और शरद काल में। यह समय मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का होता है। नौ दिनों तक मां के अलग-अलग रूपों की पूजा करने से सभी कष्ट दूर होने की मान्यता है।
Jharkhand News: आज से पूरे देश में नवरात्र उत्सव शुरू हो रहा है। साल में दो बार नवरात्र आते हैं, चैत्र और शरद काल में। यह समय मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का होता है। नौ दिनों तक मां के अलग-अलग रूपों की पूजा करने से सभी कष्ट दूर होने की मान्यता है। झारखंड में भी कई प्रसिद्ध देवी मंदिर हैं, जहां भक्त बड़ी श्रद्धा के साथ दर्शन करते हैं।
आइए जानते हैं राज्य के प्रमुख नौ देवी मंदिरों के बारे में:
- हाराडीह मंदिर, रांची: रांची जिले के तमाड़ ब्लॉक में कांची नदी के किनारे स्थित यह मंदिर लगभग 1000 साल पुराना है। यहां 16 भुजाओं वाली मां दुर्गा की काले पत्थर की प्रतिमा ध्यान मुद्रा में विराजमान है।
- दिउड़ी मंदिर, रांची: तमाड़ से तीन किलोमीटर दूर रांची-टाटा रोड पर स्थित यह प्राचीन मंदिर आदिवासी और हिंदू संस्कृति का संगम माना जाता है। यहां सोलह भुजाओं वाली मां दुर्गा और भगवान शिव की मूर्ति स्थापित हैं।
- मां उग्रतारा मंदिर, लातेहार: चंदवा प्रखंड के नगर गांव में स्थित यह मंदिर 16 दिनों की नवरात्र साधना का केंद्र है। पूजा का तरीका कैथी भाषा में लिखे 500 साल पुराने ग्रंथ के अनुसार होता है।
- मां छिन्नमस्तिके मंदिर, रामगढ़: रांची से 80 किमी दूर रजरप्पा में स्थित यह शक्तिपीठ भैरवी, भेड़ा और दामोदर नदी के संगम पर है। यहां तंत्र साधना और दस महाविद्याओं की साधना के लिए भक्त आते हैं।
- महामाया मंदिर, गुमला: हापामुनी गांव में स्थित यह मंदिर 908 ई. में स्थापित हुआ था। मंदिर का निर्माण महाराजा गजघंट द्वारा कराया गया था।
- मौलिक्षा मंदिर, दुमका: मलूटी गांव में स्थित यह मंदिर गुप्त काशी के नाम से प्रसिद्ध है। यहां मां मौलिक्षा का दर्शन केवल उनके मस्तक के माध्यम से किया जाता है।
- मां भद्रकाली मंदिर, चतरा: इटखोरी प्रखंड के भदुली गांव में स्थित यह मंदिर 9वीं शताब्दी में राजा महेंद्र पाल द्वितीय द्वारा बनवाया गया था। मां की चतुर्भुज प्रतिमा कमल के आसन पर वरदायिनी मुद्रा में है।
- गढ़देवी मंदिर, गढ़वा: गढ़वा जिले में स्थित यह मंदिर नवरात्र में श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र है। यहां गढ़ परिवार द्वारा विशेष विधि-विधान से पूजा होती है।
- मां कौलेश्वरी मंदिर, चतरा: हंटरगंज प्रखंड के कोल्हुआ पहाड़ पर स्थित यह प्राचीन मंदिर दसवीं शताब्दी में राजा विराट द्वारा स्थापित किया गया था।
झारखंड के ये मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं बल्कि राज्य की सांस्कृतिक पहचान का भी हिस्सा हैं। नवरात्र में इन मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है और मां दुर्गा की आराधना का माहौल पूरे राज्य में दिखाई देता है।