Bihar Politics... कांग्रेस ने परिवार के बाहर के किसी प्रधानमंत्री को नहीं दिया भारत-रत्न: सुशील मोदी

Edited By Nitika, Updated: 10 Feb, 2024 08:24 AM

statement of sushil modi

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव, पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसान नेता चौधरी चरण सिंह और हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन को भारत-रत्न देने की घोषणा...

 

पटनाः बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सदस्य सुशील कुमार मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंह राव, पूर्व प्रधानमंत्री एवं किसान नेता चौधरी चरण सिंह और हरित क्रांति के जनक एमएस स्वामीनाथन को भारत-रत्न देने की घोषणा का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लिए बधाई दी। सुशील मोदी ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस ने नेहरू-गांधी परिवार से बाहर के किसी प्रधानमंत्री को भारत-रत्न नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी ने तो सारा लोकलाज छोड़कर अपनी सरकार से स्वयं को ही भारत-रत्न दिलवा लिया था।

वहीं भाजपा सांसद ने कहा कि चौधरी चरण सिंह और स्वामीनाथन को भारत-रत्न प्रदान करना देश के करोड़ों अन्नदाता किसानों के साथ-साथ कृषि अनुसंधान में लगी प्रतिभाओं का सर्वोच्च सम्मान है। स्वामीनाथन न होते तो देश कृषि उत्पादन में आत्मनिर्भर नहीं होता। उन्होंने कहा कि देश में उदार अर्थव्यवस्था के प्रवर्तक और विद्वान राजनेता नरसिंह राव कांग्रेस के प्रधानमंत्री थे, लेकिन वे पार्टी के प्रथम परिवार से नहीं थे, इसलिए अपमानित करने के लिए उनकी अंत्येष्टि दिल्ली में नहीं होने दी गई थी। उनका पार्थिव शरीर उनके गृह प्रदेश भेजा गया।

मोदी ने कहा कि जब तक केंद्र में कांग्रेस की सरकारें रहीं, तब तक भारत-रत्न और पद्म पुरस्कार नेहरू-गांधी परिवार या इस परिवार के प्रति भक्तिभाव रखने वालों को ही मिलते रहे। भीम राव अम्बेडकर को मरणोपरांत भारत-रत्न तभी मिला, जब गैर-कांग्रेसी सरकार सत्ता में आई। भाजपा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले 10 साल में भारत-रत्न और पद्म पुरस्कारों को यदि परिवारवादी राजनीति से मुक्त न कराया होता, तो महामना मदन मोहन मालवीय, अटल बिहारी वाजपेयी, प्रणब मुखर्जी, कर्पूरी ठाकुर, चरण सिंह और स्वामीनाथन जैसे वास्तविक भारत-रत्न इतिहास के अँधेरे मेंं पड़े रह जाते।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!